MNPrasad

हम कॉमरेड एम.एन. प्रसाद के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हैं

ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (ए.आई.एल.आर.एस.ए.) के महासचिव कॉमरेड एम.एन. प्रसाद का 11 फरवरी, 2024 को 81 वर्ष की आयु में निधन हो गया। कॉमरेड एम.एन. प्रसाद ने लोको पायलटों, रेलवे मज़दूरों तथा संपूर्ण मज़दूर वर्ग और सभी मेहनतकश व उत्पीड़ित लोगों के हित में अपनी आखिरी सांस तक संघर्ष किया।

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Protest in Chhattisgarh


छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल

मज़दूर एकता कमेटी के संवाददाता की रिपोर्ट

8 सितम्बर, 2023 को छत्तीसगढ़ राज्य के स्वास्थ्य विभाग में काम करने वाले कर्मचारियों ने हेल्थ फेडरेशन कर्मचारी संघ के झंडे तले, विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने राज्य के विभिन्न जिलों में आंदोलनरत कर्मचारियों के बर्ख़ास्त किये जाने का विरोध किया।

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PSGI-employees


बीमा कर्मियों ने दो दिवसीय अखिल भारतीय हड़ताल की घोषणा की

मज़दूर यूनियन लंबे समय से इसकी मांग कर रहे हैं। पिछला वेतन समझौता अगस्त 2012 में हस्ताक्षरित किया गया था और अगस्त 2017 में यह समाप्त हो गया था। तब से, प्रबंधन और यूनियनों के बीच कोई नया वेतन समझौता नहीं किया गया है।

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छत्तीसगढ़ में सरकारी कर्मचारियों की 25 जुलाई से हड़ताल

छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी महासंघ के बैनर तले सभी सरकारी कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर 25 से 29 जुलाई तक हड़ताल पर रहेंगे। सरकारी कर्मचारियों के 28 संगठन संयुक्त रूप से हड़ताल की अगुवाई कर रहे हैं।

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CGT_demonstration_against_privatisation_of_SNCF


फ्रांस में रेल कर्मचारी अधिक वेतन की मांग को लेकर हड़ताल पर

6 जुलाई को, एस.एन.सी.एफ. (फ्रांस की राज्य के स्वामित्व वाली रेल कंपनी) के चार मज़दूर यूनियन – सी.जी.टी., यू.एन.एस.ए., एस.यू.डी.-रेल और सी.एफ.डी.टी. – हड़ताल पर चले गए। हड़ताल ने पूरे देश में रेल सेवाओं को ठप्प कर दिया।

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जम्मू व कश्मीर में बिजली क्षेत्र के मज़दूरों ने अपने संघर्ष में जीत हासिल की

जम्मू और कश्मीर में बिजली क्षेत्र के हड़ताली मज़दूरों ने 21 दिसंबर, 2021 को कड़े संघर्ष से हासिल जीत का जश्न मनाया। उन्होंने 17 दिसंबर की मध्यरात्रि से काम के बहिष्कार का आह्वान किया था, जब सरकार ने इस केंद्र शासित प्रदेश में बिजली क्षेत्र के निजीकरण की दिशा में उठाए गए क़दम को रोकने की उनकी मांग को पूरा

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सार्वजनिक क्षेत्र की आयुध निर्माण कंपनियों के निगमीकरण के खि़लाफ़ मज़दूरों के न्यायोचित संघर्ष का समर्थन करें!

16 जून, 2021 को केंद्र सरकार ने आयुध निर्माण बोर्ड (ओ.एफ.बी.) को भंग करने और इसे 7 निगमों में बदलने के निर्णय की घोषणा की। ओ.एफ.बी. आयुध कारखानों और संबंधित संस्थानों का एक छत्र निकाय है। यह वर्तमान में रक्षा मंत्रालय का एक अधीनस्थ संस्थान है और यह 41 कारखानों, नौ प्रशिक्षण संस्थानों, तीन क्षेत्रीय विपणन केंद्रों और सुरक्षा के पांच क्षेत्रीय नियंत्रकों का एक समूह है।

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