किसान आंदोलन – वर्तमान स्थिति और आगे का रास्ता

मज़दूर एकता कमेटी द्वारा आयोजित दूसरी बैठक

26 सितंबर को दिल्ली की सीमाओं पर किसानों के लगातार विरोध प्रदर्शन को 10 महीने पूरे हुए। 28 सितंबर को मज़दूर एकता कमेटी (एमईसी) ने ‘‘किसान आंदोलनः वर्तमान स्थिति और आगे का रास्ता’’ विषय पर दूसरी ऑनलाइन बैठक आयोजित की।

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यह धर्म-युद्ध है मज़दूरों और किसानों का, अधर्मी राज्य के ख़िलाफ़!

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति का बयान, 10 जनवरी, 2021

आज हमारे देश और पूरी दुनिया को हमारी सरकार और देश की बहुसंख्यक आबादी, किसानों और मजदूरों, के बीच में एक ऐसा विवाद नज़र आ रहा है, जिसका कोई हल नहीं दिखता है। 26 नवम्बर से दिल्ली की सीमाओं पर ऐसा विशाल जन-विरोध चल रहा है, जिसका इससे पहले किसी को अनुमान न था। जन-विरोध की फौरी मांगों में मुख्य मांग यह है कि उन तीनों कानूनों को रद्द किया जाये, जिन्हें संसद में पारित किया गया था और जिनके लागू होने पर इजारेदार पूंजीवादी कॉर्पोरेट घराने कृषि क्षेत्र पर पूरी तरह हावी हो जायेंगे।

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