London Protest B Aug 15th 2021

लंदन में किसान आन्दोलन के समर्थन में लड़ाकू रैली का आयोजन किया गया!

15 अगस्त को इंग्लैंड के लंदन में हजारों की संख्या से भी ज्यादा लोगों ने लड़ाकू रैली में हिस्सा लिया। हिन्दोस्तान में किसान आंदोलन के लिए इंग्लैंड में हिन्दोस्तानी मज़दूरों और छात्रों के समर्थन को व्यक्त करने के लिए इस विरोध रैली का आयोजन किया गया था। विरोध रैली में भाग लेने वाले कई संगठनों में इंडियन वर्कस एसोसिएशन (जी.बी.) भी शामिल था। प्रदर्शनकारी, लंदन में हिन्दोस्तानी उच्च आयोग के बाहर इकट्ठा हो हुए। भागीदारी इतनी ज्यादा थी कि आस-पास की सभी सड़कें भी प्रदर्शनकारियों से भरी हुई थीं।

आगे पढ़ें

बिना सुविधा वाली क्रू-लाबियों पर तैनाती के ख़िलाफ़ रेल चालकों का सपरिवार प्रदर्शन

17 अगस्त, 2021 को ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (ए.आई.एल.आर.एस.ए.) के बैनर तले, रेल चालकों और बच्चों सहित उनके परिजनों ने बिलासपुर डिविज़नल रेल मैनेजर (डी.आर.एम.) के कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया। बिलासपुर के डी.आर.एम. ने चालकों को प्रदर्शन के लिये टेंट तक नहीं लगाने दिया। चालकों, परिजनों और बच्चों ने नारे लगाकर इसका विरोध किया।

आगे पढ़ें

आज़ादी दिवस 2021 के अवसर पर :
हिन्दोस्तान को नयी बुनियादों पर खड़ा करने की ज़रूरत है

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति का बयान, 15 अगस्त, 2021
हमारे इस राजनीतिक तौर पर आज़ाद राज्य में, 74 वर्षों के आर्थिक विकास के बाद, आज करोड़ों-करोड़ों स्त्री-पुरुष दो वक्त की रोटी के लिए, रोज़गार की तलाश में दर-दर भटकने को मजबूर हैं। तड़के से देर रात तक कमर-तोड़ मेहनत करने के बाद, अधिकतम लोग उतना पैसा नहीं कमा पाते हैं जितना इंसान लायक ज़िन्दगी जीने के लिए ज़रूरी है।

आगे पढ़ें

निजीकरण के विरोध में रेल चालकों का पूरे देश में विरोध प्रदर्शन

10 अगस्त, 2021 को आल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसियेशन (ए.आई.एल.आर.एस.ए.) के सदस्यों ने अपनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। ये विरोध प्रदर्शन पूरे देश में रेलवे के 16 ज़ोनों की लगभग 650 लाबियों पर आयोजित किये गये। रेल प्रशासन द्वारा इस प्रदर्शन को अवैध घोषित किये जाने के बावजूद, पूरे देश में लगभग 7,000 से अधिक रेल चालकों ने हिस्सा लिया।

आगे पढ़ें

देश की संपत्ति के निजीकरण के ख़िलाफ़ प्रदर्शन

9 अगस्त, 2021 को छत्तीसगढ़ के जिला सरगुजा में अम्बिकापुर के घड़ी चैक पर केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर धरना-प्रदर्शन आयोजन किया गया। भारी बरसात में भी इस प्रदर्शन में सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया। इसमें अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों के मज़दूरों और सरकारी कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।

आगे पढ़ें

हिरोशिमा और नागासाकी पर बमबारी की 76वीं वर्षगांठ :
साम्राज्यवाद का मानवता के ख़िलाफ़ कभी भी माफ़ न करने के योग्य अपराध

6 अगस्त और 9 अगस्त 1945 को अमरीकी वायु सेना के विमानों ने जापान के शहरों हिरोशिमा और नागासाकी पर क्रमशः दो परमाणु बम गिराए। इतिहास में यह पहला और एकमात्र मौका था जब इतनी बड़ी संख्या में पुरुषों, महिलाओं और बच्चों को जानबूझकर मारने और नष्ट करने के लिए इतनी घातक क्षमता वाले हथियारों का इस्तेमाल किया गया था।

आगे पढ़ें

सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ़ मज़दूरों का देश-व्यापी अभियान

9 अगस्त 2021 को, सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ़ अपनी आवाज़ बुलंद करते हुए, देश भर में लाखों-लाखों मजदूरों ने धरने-प्रदर्शन व हडतालें कीं. यह ट्रेड यूनियनों और मजदूर संगठनों के एक देश-व्यापी अभियान था।

आगे पढ़ें

सर्व हिन्द निजीकरण विरोधी फोरम बिजली क्षेत्र के श्रमिकों के संघर्ष का समर्थन करता है

बिजली क्षेत्र के श्रमिकों के समर्थन में ऑल इंडिया फोरम अगेंस्ट प्राइवेटाइजेशन द्वारा 3 अगस्त 2021 को जारी किये गये बयान को हम यहां प्रकाशित कर रहे हैं।

आगे पढ़ें

2020-21 में पूंजीपतियों के मुनाफ़े बढ़े जबकि लोगों के कष्ट बढ़े

वित्तीय वर्ष 2020-21 एक ऐसा दौर था जब देश के अधिकांश लोग अनकही पीड़ा से गुजरे। करोड़ों कामकाजी लोगों को कोरोना वायरस तथा राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर लगे लॉकडाउन के कारण कष्ट झेलना पड़ा। अर्थव्यवस्था का कुल आकार, वार्षिक मूल्य वर्धिता या सकल घरेलू उत्पाद (जी.डी.पी.) द्वारा मापा जाता है, यह पिछले वर्ष में 204 लाख करोड़ रुपये से घटकर 2020-21 में 197 लाख करोड़ रुपये हो गया।

आगे पढ़ें