हिन्दोस्तानी गणतंत्र का संकट और उससे निकलने का रास्ता

वर्तमान गणतंत्र की 61वीं सालगिरह होने वाली है और हमारे देश की आर्थिक तथा राजनीतिक व्यवस्था सबतरफा संकट में फंसी हुई है। यह व्यवस्था विश्वसनीयता के संकट में फंसी हुई है।
अधिकतम मजदूरों और कामकाजी बुध्दिजीवियों में इस बात पर बहुत गुस्सा है कि हमारे शासक खाद्य पदार्थों तथा अन्य आवश्यक सामग्रियों की असहनीय व लगातार बढ़ती महंगाई को रोकने में असमर्थ हैं।
खुदरा द

आगे पढ़ें

ओडिसा में बढ़ते राजकीय आतंक की निंदा करें!

मजदूर एकता लहर बड़े गुस्से के साथ हिन्दोस्तानी राज्य की निंदा करती है, जो सबसे बड़े पूंजीवादी समूहों की खनन परियोजनाओं के खिलाफ़ लोगों के विरोध को कुचलने के लिए ओडिसा के विभिन्न इलाकों में कार्यकर्ताओं की सुनियोजित ढंग से हत्या करवा रहा है।

श्रीकृष्ण समिति ने तेलंगाना पर रिपोर्ट पेश की : लोगों को जानबूझकर भड़काने की कोशिश की निंदा करें!

तेलंगाना के विषय पर बिठाई गई श्रीकृष्ण समिति ने 30 दिसम्बर, 2010 को केन्द्रीय सरकार को अपनी रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट में समस्या को हल करने के 6 विकल्प दिये गये हैं। एक प्रस्ताव को ”सबसे पसंद प्रस्ताव” बताया गया है और दूसरे प्रस्ताव पर इसके बाद विचार किया जायेगा। बाकी चार विकल्पों के बारे में समिति ने खुद ही कहा है कि इन्हें अमल में नहीं लाया जा सकता। श्रीकृष्ण समिति को संप

आगे पढ़ें

श्रमिकों ने सरकार को अपनी ताकत दिखाई

17 दिसम्बर, 2010 को हरियाणा के जिला सिरसा में, राजकीय अध्यापक संघ की अगुवाई में, सैकड़ों अध्यापकों ने अनुबंधित अध्यापकों को नियमित करने की मांग को लेक

आगे पढ़ें