जी-7 देशों के विदेश मंत्रियों की लंदन में मुलाकात :

अमरीका और उसके सहयोगियों की, अपनी साम्राज्यवादी रणनीति में समन्वय लाने की कोशिश

जी-7 देशों के विदेश और विकास मंत्री, 3 और 5 मई के बीच लंदन में मिले। यह बैठक इन सात देशों के नेताओं की शिखर बैठक की तैयारी का हिस्सा थी, जो जून में आयोजित होने वाली है।

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कोविड टीकाकरण का निजीकरण जनविरोधी है

19 अप्रैल को, कोविड महामारी के बारे में, देश को संबोधित करते हुए, प्रधान मंत्री मोदी ने अपनी सरकार की ”उदारीकृत और त्वरित-कोविड -19 टीकाकरण रणनीति“ की घोषणा की।

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वैक्सीन उत्पादन पर इजारेदारी अधिकारों का विरोध किया जाना चाहिए!

जब से कोविड महामारी शुरू हुई है, तब से देश और दुनिया भर के लोगों को बताया जा रहा है कि इस महामारी का अंत करने का एक ही तरीका है, कि जल्दी से वैक्सीन (टीका) विकसित करें और जितना जल्दी हो सके, दुनिया के अधिकतम लोगों का टीकाकरण करें।

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हमारे पाठकों से : भारतीय रेल का निजीकरण

मजदूर एकता लहर द्वारा प्रकाशित लेख, ‘भारतीय रेल का निजीकरण’ भाग 1 और भाग 2 में बहुत ही बारीकी और महत्वपूर्ण जानकारी पेश की है, जिससे आम लोगों तक इस जागरूकता को फैलाया जा सकता है कि भारतीय रेल के निजीकरण की असली वजह को छुपाया जाता रहा हैI

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लेनिन की 151वीं जयंती के अवसर पर :

मज़दूर वर्ग को किसानों के साथ मिलकर, शासक वर्ग बनने के लिए संगठित करने का संकल्प लें!

इस साल 22 अप्रैल को, हम व्लादिमीर इल्यिच लेनिन की 151वीं जयंती मना रहे हैं। लेनिन, 20वीं सदी के सबसे बड़ी क्रांतिकारी हस्तियों में से एक थे।

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कामरेड प्रवीन के देहांत पर हम शोक मनाते हैं

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी बहुत दुःख के साथ यह घोषित करती है कि हमारे प्रिय कामरेड प्रवीन रामटेके का, 4 मई की सुबह को देहांत हो गया। कोविड-19 ने उन्हें 54 वर्ष की उम्र में ही हमसे छीन लिया।

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अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर वर्ग दिवस, मई दिवस ज़िंदाबाद!

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी का आह्वान, 1 मई, 2021

मज़दूर साथियों,

आज मई दिवस, अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर वर्ग दिवस है। बीते 131 वर्षों से, सारी दुनिया में मज़दूर अपने वर्ग के इस दिवस पर जश्न मनाते आ रहे हैं। हम अपनी जीतों पर खुशियां मनाते हैं और अपनी हारों से सबक लेते हैं, ताकि अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ सकें। हम अपनी फौरी आर्थिक और राजनीतिक मांगों के लिए संघर्ष करते हैं और साथ-साथ, एक शोषण-दमन से मुक्त, नए समाजवादी समाज का निर्माण करने के अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए भी संघर्ष करते हैं।

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कोरोना वायरस महामारी की तबाही : सरासर जन-विरोधी व्यवस्था के घातक परिणाम हमारे सामने!

देश में मौजूदा स्वास्थ्य-सेवा व्यवस्था के पूरी तरह से नाकाम और निष्क्रिय होने के बाद पूरे देश में मौत और तबाही ही नज़र आती है।

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भारतीय रेल का निजीकरण – भाग-2 : रेलवे का निजीकरण – किसके हित में?

भारतीय रेल का निजीकरण देशी और विदेशी इजारेदार पूंजीपतियों के इशारे पर किया जा रहा है। ये पूंजीपति सस्ते दामों पर भारतीय रेल के विशाल बुनियादी ढांचे, भूमि और प्रशिक्षित मज़दूरों का अधिग्रहण करना चाहते हैं। दशकों से सत्ता में रही सभी पार्टियों द्वारा क़दम-दर-क़दम अपनाए गए निजीकरण का असली कारण यही है।

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भारतीय रेल का निजीकरण भाग-1 : भारतीय रेल के निजीकरण के ख़िलाफ़ बढ़ता विरोध

भारतीय रेल हमारे देश की जीवन रेखा है जिसमें हर वर्ष लगभग 800 करोड़ लोग यात्रा करते हैं। चाहे कार्यस्थल हो या फिर गृह नगर या गांव के बीच, करोड़ों मज़दूरों के लिए वह लंबी दूरी की यात्रा का एकमात्र विश्वसनीय और किफ़ायती साधन है।

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