240_Chandigadh_Ectricity_Woker_Conv


बिजली क्षेत्र के कर्मचारियों व इंजीनियरों का सम्मेलन

नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी एम्प्लाइज एंड इंजीनियर्स (एन.सी.सी.ओ.ई.ई.ई.) ने 19 मार्च, 2022 को चण्डीगढ़ में अपना सम्मेलन आयोजित किया। यू.टी. इलेक्ट्रिसिटी इंजीनियर्स यूनियन ने इस सम्मेलन का सह-आयोजन किया। सम्मेलन का उद्देश्य बिजली क्षेत्र के कर्मचारियों व इंजीनियरों द्वारा 22 से 24 फरवरी, 2022 के बीच चण्डीगढ़ में की गयी जुझारू हड़ताल के अनुभवों की समीक्षा करना और संघर्ष को आगे ले जाना था।

आगे पढ़ें
Nurse_RML


आर.एम.एल. अस्पताल के संविदा नर्सिंग अधिकारियों ने अपनी बर्खास्तगी आदेश का विरोध किया

नई दिल्ली में केंद्र सरकार द्वारा संचालित राम मनोहर लोहिया (आर.एम.एल.) अस्पताल में अनुबंध पर कार्यरत नर्सिंग अधिकारी अपनी नौकरी खोने के ख़तरे से बहुत गुस्से में हैं। अस्पताल ने घोषणा की है कि नए स्थायी नर्सिंग स्टाफ को काम पर रखा जाएगा और वे संविदात्मक नर्सिंग अधिकारियों को बर्खास्त करने जा रहे हैं, जिनमें से कुछ एक दशक से अधिक समय से अस्पताल में काम कर रहे हैं।

आगे पढ़ें


सरकार ने हड़ताल करने पर आंगनवाड़ी मजदूरों को बर्खास्त करने का नोटिस दिया

दिल्ली उच्च न्यायालय में दिल्ली सरकार द्वारा पेश किये आंकड़ों के अनुसार, 14 मार्च, 2022 तक 991 आंगनवाड़ी मज़दूरों और सहायिकाओं को बर्खास्त कर दिया गया था। दिल्ली राज्य आंगनवाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन (डी.एस.ए.डब्ल्यू.एच.यू.) के अनुसार, मज़दूरों को दिये गये नोटिसों में कहा गया है कि ”हड़ताल, आंदोलन और धरने का सक्रिय हिस्सा“ होने के कारण उनकी सेवाओं को समाप्त किया जा रहा है।

आगे पढ़ें
400_Engine


कनाडा के रेल-मज़दूरों का संघर्ष

कैनेडियन पैसिफिक रेलवे (सीपी) के 3,000 से अधिक रेल मज़दूर वेतन, पेंशन, अन्य सुविधाओं और कार्य नियमों पर कंपनी के साथ एक नए समझौते के लिए संघर्ष कर रहे हैं। रेल मज़दूरों में शामिल हैं, लोकोमोटिव इंजीनियर, कंडक्टर, ट्रेन और यार्ड कर्मचारी। मज़दूरों के अनुसार, उनकी यूनियन, टीमस्टर्स कनाडा रेल कॉन्फरेंस (टी.सी.आर.सी.) और रेल कंपनी के बीच किया गया पहले का समझौता 31 दिसंबर, 2021 को समाप्त हो गया था।

आगे पढ़ें
Ram Gadh Sghaheedi Diwas_240


शहीदी दिवस के अवसर पर जनसभायें और विचार गोष्ठियां

23 मार्च, शहीदी दिवस के अवसर पर, शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि देते हुये और क्रांतिकारियों के दिखाये गये रास्ते पर चलने का संकल्प लेते हुये, देश में जगह-जगह पर जनसभायें और विचार गोष्ठियां आयोजित की गईं।

आगे पढ़ें
LNJP_Nurse_Demo


एल.एन.जे.पी. अस्पताल के कोविड सुविधा केन्द्र में काम करने वाली नर्सों ने अपनी बर्खास्तगी के नोटिस का विरोध किया

लोक नायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल (एल.एन.जे.पी./एल.एन.एच.) से संबद्ध कोविड केंद्र में कार्यरत करीब 100 नर्सों के लिये 3 मार्च को नोटिस जारी किया गया, जिसमें कहा गया है कि उनकी सेवाएं 31 मार्च को समाप्त कर दी जाएंगी। मार्च की शुरुआत से ही नर्सें एल.एन.जे.पी. अस्पताल के गेट के सामने धरने पर बैठी हैं तथा मांग कर रही हैं कि उनकी नौकरी फिर से बहाल की जाये।

आगे पढ़ें

हिजाब पहनने पर पाबंदी :
लोगों के ज़मीर के अधिकार और उनकी एकता पर हमला

स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ने वाली लड़कियों को दुपट्टे से सिर ढकने या हिजाब पहनने की अनुमति दी जानी चाहिए या नहीं, यह विवाद अब एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बन गया है। इस मुद्दे को लेकर लोगों में गुस्सा काफी बढ़ गया है और इसके ज़रिये लोगों को सांप्रदायिक आधार पर बांटने की कोशिशें की जा रही हैं।

आगे पढ़ें

शहीदों का पैगाम :
हिन्दोस्तानी समाज को क्रांतिकारी परिवर्तन के संघर्ष को जीत की ओर ले जाना होगा!

23 मार्च, 1931 को बर्तानवी उपनिवेशवादी शासकों ने हमारे देश के महान क्रांतिकारियों और देशभक्तों – भगत सिंह, राजगरु और सुखदेव को फांसी पर चढ़ा दिया था। उपनिवेशवादियों को उम्मीद थी कि इन क्रांतिकारियों की हत्या करके, वे उन विचारों को कुचल देंगे जो हमारे देश के मज़दूरों, किसानों, महिलाओं और नौजवानों को उपनिवेशवादी शासन को उखाड़ फेंकने और हिन्दोस्तानी समाज में गहरे क्रांतिकारी परिवर्तन करने के लिए प्रेरित कर रहे थे। लेकिन उपनिवेशवादी इस उद्देश्य में क़ामयाब नहीं हुये।

आगे पढ़ें
240_Delegation_Hanumagadh_7


राजस्थान के नोहर में किसानों ने संघर्ष में जीत हासिल की

राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले की नोहर तहसील के तहत आने वाले कई गांवों के किसानों ने सिंचाई के पानी के लिये अपने संघर्ष में जीत हासिल की है। किसानों ने रबी की फसल की सिंचाई के लिये पर्याप्त पानी की मांग को लेकर इस संघर्ष को फरवरी से मार्च के दौरान चलाया।

आगे पढ़ें
Arunachalworkers


वेतन के भुगतान के लिए अरुणाचल प्रदेश में सड़क निर्माण मज़दूरों का संघर्ष

19 मार्च को, नौ महीने से अधिक समय से वेतन नहीं मिलने के विरोध में अरुणाचल प्रदेश में सड़क निर्माण मज़दूरों ने भूख हड़ताल शुरू की।

आगे पढ़ें