सी.ए.ए. का विरोध करने वालों की इतने लंबे समय तक जेलबंदी :
जनवादी अधिकारों का घोर हनन!

17 नौजवानों, जिनमें 4 महिलाएं भी शामिल थीं, उन्हें कठोर कानून यू.ए.पी.ए. के तहत गिरफ़्तार किया गया था। उन पर यह आरोप लगाया गया था कि फरवरी 2020 में पूर्वोत्तर दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा को आयोजित करने में उन्होंने साजिश की थी। अप्रैल से सितंबर 2020 के दौरान उन्हें गिरफ़्तार किया गया था।

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आशा और आगंनवाड़ी कार्यकर्ताओं के भयानक शोषण को उजागर करती सर्व हिन्द हड़ताल

24 सितंबर 2021, को देषभर में विभिन्न सरकारी योजनाओं मंे लगभग 1 करोड़ आषा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका, स्कूल में खाना बनाने वाली तथा अन्य कार्यकर्ताओं ने हड़ताल की।

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राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन की योजना के ख़िलाफ़ रेल मज़दूरों का विरोध प्रदर्शन

13-18 सितंबर, 2021, सप्ताह के दौरान हजारों रेल मज़दूर, देशभर में सड़कों पर उतर आए। वे विभिन्न जन-संपत्तियों के “मुद्रीकरण” करने के नाम पर, भारतीय रेल की विभिन्न संपत्तियों का निजीकरण करने के सरकार के फ़ैसले का विरोध कर रहे थे।

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अखिल भारतीय स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन के महासचिव के साथ साक्षात्कार

मजदूर एकता लहर (म.ए.ल.) भारतीय रेलवे में कई श्रेणी-वार एसोसिएशनों के नेताओं के साथ जैसे कि रेल चालकों, गार्डों, ट्रेन नियंत्रकों, सिग्नल और रखरखाव कर्मचारियों, रेल की पटरियों के अनुरक्षकों, पॉइंटमैन, आदि के साक्षात्कार कर रही है और छापती रही है। इस श्रृंखला के सातवें भाग में अखिल भारतीय स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन (ए.आई.एस.एम.ए.) के महासचिव कामरेड सुनील कुमार पी. (एस.के.पी.) का साक्षात्कार हम यहां प्रस्तुत कर रहे हैं।

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सरकारी आंकड़े किसानों की दयनीय स्थिति का खुलासा करते हैं

लंबे समय से हिन्दोस्तानी समाज की रीढ़ की हड्डी माना जाने वाला कृषि क्षेत्र, अब इसमें कार्यरत लोगों के लिए पर्याप्त आय नहीं दे रहा है

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा 10 सितंबर, 2021 को प्रकाशित स्थिति आंकलन सर्वेक्षण (एस.ए.एस.) देश में किसानों की आर्थिक स्थिति पर सबसे व्यापक आधिकारिक सर्वेक्षण है। यह 2019 में किया गया था और इसमें 12 महीने की अवधि, जुलाई 2018 से जून 2019 तक का डेटा एकत्र किया गया था। यह कृषि संकट की गंभीरता और किसान परिवारों की दयनीय स्थिति की पुष्टि करता है।

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किसान आंदोलन : वर्तमान स्थिति और आगे की रास्ता

मज़दूर एकता कमेटी द्वारा आयोजित सभा

25 अगस्त को दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे किसानों को नौ महीने पूरे हुए – मज़दूर एकता कमेटी (एम.ई.सी.) ने 6 सितंबर को “किसान आंदोलन – ”वर्तमान स्थिति और आगे का रास्ता“ विषय पर एक सभा आयोजित की। यह सभा ऑनलाइन आयोजित की गई थी।

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किसानों ने मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में संयक्त किसान मोर्चा (एस.के.एम.) द्वारा आयोजित “किसान-मज़दूर महापंचायत” के लिए शक्ति और एकता के विशाल प्रदर्शन में 5 सितंबर को देशभर से 10 लाख से अधिक किसान एक साथ आए।

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मुद्रीकरण – निजी पूंजीवादी लाभ के लिए सार्वजनिक संपत्ति की लूट

23 अगस्त को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुनियादी ढांचे में सार्वजनिक संपत्ति का “मुद्रीकरण” करने की योजना की घोषणा की। उन्होंने दावा किया कि सरकार को इस योजना से चार साल में 6 लाख करोड़ रुपये एकत्र होने की उम्मीद है।

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एम्स के कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का नोटिस दिया

एम्स की नर्स यूनियन ने एम्स की कर्मचारी यूनियन – एम्स एंड ऑफिसर एसोसिएशन ऑफ एम्स के के साथ मिलकर, प्रशासन को संयुक्त हड़ताल का नोटिस दिया है और कहा है कि उनकी मांगें पूरी न होने पर 25 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जायेगी।

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11 सितम्बर के आतंकवादी हमलों के बीस साल बाद :
राजकीय आतंकवाद, कब्ज़ाकारी जंग और राष्ट्रीय संप्रभुता के हनन को जायज़ ठहराने के लिए, आतकंवाद साम्राज्यवाद का एक हथकंडा है

11 सितम्बर, 2001 को न्यू यॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की दो इमारतों पर दो विमान टकराए थे। एक और विमान वाशिंगटन के पेंटागन से टकराया था। उन आतंकवादी हमलों में लगभाग 3000 लोग मारे गए थे।

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