सिरिया में सत्ता परिवर्तन की अमरीकी साम्राज्यवाद की कोशिशों की निंदा करे!

कई वर्षों से सिरिया अमरीकी साम्राज्यवाद के निशाने पर रहा है। यह पश्चिम एशिया में अमरीकी साम्राज्यवाद के सिपाही – जाउनवादी इस्राइली राज्य – के निशाने पर भी रहा है, जिसके साथ उसकी सांझी सीमा रेखा है। सिरिया को रणनैतिक महत्व वाला इलाका, गोलान हाईट्स पर 1967 से इस्राइल ने गैर कानूनी कब्ज़ा कर रखा है। हाल के सप्ताहों और महीनों में, लिबिया में सत्ता परिवर्तन करने में कामयाब होने के बाद, एंग्लो-अमरी

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मजदूर वर्ग के लिये राज्य सत्ता को अपने हाथ में लेने की जरूरत

23-24 दिसम्बर, 2011 को मजदूर वर्ग गोष्ठी में प्रारंभिक दस्तावेज कामरेड लाल सिंह ने हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति की ओर से पेश किया। मजदूर वर्ग के लिये राज्य सत्ता को अपने हाथ में लेने की जरूरत शीर्षक के इस दस्तावेज को, गोष्ठी में हुई चर्चा के आधार पर, संपादित किया गया है और केन्द्रीय समिति के फैसले के अनुसार प्रकाशित किया जा रहा है।

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हड़ताल की कामयाबी के लिए सम्मेलन

28 फरवरी की हड़ताल की कामयाबी के लिए दिल्ली की ट्रेड यूनियनों ने 6 फरवरी, 2012 को दिल्ली में एक संयुक्त अधिवेशन किया। इस अधिवेशन में मजदूर एकता कमेटी, एटक, बी.एम.एस., हिन्द मजदूर सभा, ए.आई.यू.टी.यू.सी., सीटू और इंटक ने भाग लिया।

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जबरदस्ती भूमि अधिग्रहण के खिलाफ़ फतेहाबाद, हरियाणा में रैली

10 फरवरी, 2012 को हरियाणा प्रदेश के जिला फतेहाबाद में प्रस्तावित परमाणु ऊर्जा संयंत्र के लिये जबरदस्ती भूमि अधिग्रहण किये जाने के विरोध में, किसान संघर्ष समिति, गोरखपुर की अगुवाई में शहर के लाल बत्ती चौक, नजदीक बस स्टेंड से जिला मुख्यालय तक रैली निकाली गई। इस विरोध- प्रदर्शन में, गांव गोरखपुर सहित अन्य 15-20 गांवों के सैकड़ों किसान शामिल हुए। किसानों के इस विरोध-प्रदर्शन के समर्थन म

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पंजाब में विधान सभा चुनाव :

कम्युनिस्टों को राज्य और समाज के नवनिर्माण के कार्यक्रम के लिये काम करना होगा!

पंजाब विधानसभा का चुनाव 31 जनवरी को होगा। अगली राज्य सरकार के लिये मुख्य दावेदार हैं अकाली-दल-भाजपा गठबंधन और कांग्रेस पार्टी। इन दोनों में से किसी के पास भी पंजाब और वहां के मेहनतकश लोगों के भविष्य के लिये कोई भरोसेमंद नज़रिया नहीं है।

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पाकिस्तान पर भारी अमरीकी साम्राज्यवादी दबाव और ब्लैकमेल

आज पाकिस्तान के राज्य और लोगों को सबतरफा अमरीकी साम्राज्यवादी दबाव और ब्लैकमेल का सामना करना पड़ रहा है, जिसकी वजह से उस देश के अस्तित्व को ही खतरा है। यह दबाव और ब्लैकमेल बहुत बढ़ गया है, क्योंकि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान और सीमावर्ती इलाकों में अमरीका के ''आतंकवाद पर जंग'' में सहयोग करने से इंकार किया है।

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ईरान के खिलाफ़ अमरीका-नीत साम्राज्यवादी ब्लैकमेल और प्रतिबंध मुर्दाबाद!

अमरीकी साम्राज्यवादी ईरान पर ब्लैकमेल और प्रतिबंधों की नीति को और तेज़ी से लागू कर रहे हैं। खास तौर पर, ईरान राष्ट्र और उसके लोगों के अपना नागरिक परमाणु कार्यक्रम चलाने के अधिकार को ''मानवता के लिये खतरा'' बताकर निशाना बनाया जा रहा है।

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एयर इंडिया : निजीकरण की मजदूर-विरोधी और राष्ट्र-विरोधी नीति का पर्दाफाश और जमकर विरोध करना होगा

वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी की अगुवाई में मंत्री समूह ने पिछले वर्ष ''एयर इंडिया की हालत को वापस मोड़ने के लिए एक योजना पेश करने'' के इरादे से एक पैनल गठित किया था। 23 जनवरी को इस पैनल ने मंत्री समूह को अपनी रिपोर्ट पेश की। इस रिपोर्ट की मुख्य बातें ये हैं कि (1) एयर इंडिया के संवर्धन को उपयुक्त स्तर तक लाने के लिए सरकार को एयर इंडिया में पर्याप्त धन डालना चाहिए और (2) एयर इंडिय

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रेल इंजन चालक : एकजुट संघर्ष की योजना निर्धारित

12 जनवरी, 2012 को ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसियेशन (ए.आई.एल.आर.एस.ए.) ने विचार-विमर्श के लिए रेल इंजन चालकों का प्रतिनिधित्व करने वाले सब संगठनों की सभा, मुम्बई के पास, कल्याण में आयोजित की। अलग-अलग संगठनों के सभासद लड़ाकू इंजन चालकों से सभागृह भरा हुआ था। कई बहुत दूर से आये थे।

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अनियमित मज़दूरों द्वारा आंदोलन तेज करने की योजना

21 जनवरी 2012 को चेन्नई के मीनमबक्कम हवाई अड्डे के कारगो दफ्तर के सामने एयर इंडिया कैजुअल वर्कर्स यूनियन (ए.आई.सी.डब्ल्यू.यू.) ने अपने आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिये एक परामर्शक सभा की। यूनियन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने काम के बुरे हालातों और इन हाला

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