पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ गिने-चुने इलाकों से आफ्सपा को हटाया गया :
सशस्त्र बलों का निरंकुश आतंक अनवरत जारी है

31 मार्च को केंद्र सरकार ने पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ गिने-चुने इलाकों से सशस्त्र बल (विशेष अधिकार) अधिनियम, यानी आफ्सपा, को हटाने का अपना फ़ैसला घोषित किया। सरकारी घोषणा के अनुसार, “असम के 23 पूरे जिलों, एक जिले के कुछ अंश, नगालैंड के 6 जिलों और मणिपुर के 6 जिलों से आफ्सपा को हटाया जाएगा”।

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इराक पर बेरहम हमले और कब्ज़े की 19वीं सालगिरह :
अमरीकी साम्राज्यवाद की हुक्मशाही के तले एक-ध्रुवीय दुनिया स्थापित करने के अजेंडे को परास्त करना होगा

20 मार्च, 2003 को अमरीकी साम्राज्यवादियों ने इराक पर कब्ज़ा करने और उसे नष्ट करने का दूसरा जंग शुरू किया था। इसकी शुरुआत उन्होंने “अचानक चौकानेवाले” (शॉक एंड आव),  बम बरसाने के अभियान के साथ की थी।

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दिल्ली सरकार ने कोविड केन्द्रों के नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों को नौकरी से निकाला

कोरोना महामारी के दौरान दिल्ली सरकार द्वारा स्थापित कोविड सेंटरों में काम करने वाले स्वास्थ्यकर्मी अपनी नौकरियों को बहाल किए जाने की मांग को लेकर दिल्ली सरकार के सचिवालय के सामने 29 मार्च, 2022 से धरना दे रहे हैं। दिल्ली सरकार ने 24 मार्च को एक आदेश जारी करके, इन नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों को 31 मार्च, 2022 से बर्ख़ास्त कर दिया है।

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हमारे पाठकों से :
धर्म के नाम पर हुक्मरानों की भटकाऊ और भड़काऊ हरकतें

सरकारी ओहदेदार, मंत्री, उनके काम से जुड़ी एजेंसियां व संगठन अत्यंत घटिया स्तर के दांवपेंच अपना रहे हैं। लोगों में फूट डालने, नफ़रत व डर फैलाने के तरीक़ों का सहारा ले रहे हैं ताकि नौजवान तबका व व्यापक समाज, मंहगाई, बेरोज़गारी पर सरकार से सवाल न करे।

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प्रेपरेटरी कमेटी फॉर पीपल्स एम्पावरमेंट की स्थापना की 29 वीं सालगिरह के अवसर पर:
हिन्दोस्तानी समाज की समस्याओं के समाधान के लिए लोगों के हाथ में सत्ता आवश्यक शर्त है

आज से 29 वर्ष पहले, 11 अप्रैल, 1993 को कम्युनिस्ट और अन्य राजनीतिक कार्यकर्ता, ट्रेड यूनियन कार्यकर्ता, महिला आंदोलन के कार्यकर्ता, मानव अधिकार कार्यकर्ता, जज, वकील, शिक्षक, लेखक और सांस्कृतिक कार्यकर्ता, प्रेपरेटरी कमेटी फॉर पीपल्स एम्पावरमेंट (सी.पी.ई.) की स्थापना करने के लिए, नई दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित एक सभा में एकत्रित हुए थे।

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पाकिस्तान में अमेरिकी हस्तक्षेप की निंदा करें!

8 मार्च को, इमरान खान सरकार के ख़िलाफ़ विपक्षी दलों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव पेश करने के बाद से, पाकिस्तान राजनीतिक अनिश्चितता में डूब गया है।

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केरल की उच्च अदालत का आदेश कि सरकारी कर्मचारी हड़ताल नहीं कर सकते

28 मार्च, 2022 को केरल उच्च अदालत की एक खंडपीठ ने सरकारी कर्मचारियों द्वारा की गई हड़ताल को अवैध घोषित करने का आदेश दिया। इस आदेश में केरल सरकार से हड़ताल पर रोक लगाने के लिये कहा गया है।

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आपराधिक प्रक्रिया (पहचान) विधेयक-2022 :
सभी प्रकार के विरोध को अपराध करार देने और लोगों को आतंकित करने का राज्य का प्रयास

आपराधिक प्रक्रिया (पहचान) विधेयक-2022 को 28 मार्च, 2022 को लोकसभा में पेश किया गया था। यह विधेयक कैदियों की पहचान अधिनियम, 1920 का स्थान लेगा। 1920 का अधिनियम राज्य की जांच एजेंसियों को अपराध के लिए दोषी व्यक्तियों के बारे में जांच के उद्देश्य से निश्चित प्रकार की पहचान योग्य जानकारी और विवरण एकत्र करने का अधिकार प्रदान करता है।

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Jammu

28-29 मार्च को दो-दिवसीय सर्व-हिन्द हड़ताल:
सरमायदारों के चौ-तरफे हमलों के ख़िलाफ़ देशभर के मज़दूर-किसान सड़कों पर उतरे

केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और अलग-अलग क्षेत्रों की फेडरेशनों तथा संगठनों के संयुक्त मंच के आह्वान पर, 28-29 मार्च को दो-दिवसीय सर्व-हिन्द हड़ताल के दौरान, बड़े-बड़े शहरों से लेकर छोटे शहरों, कस्बों और गांवों में, बढ़ते शोषण-दमन के खि़लाफ़ मज़दूरों और किसानों का आक्रोश सड़कों पर उभर कर आया।

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