मज़दूर एकता लहर


  • विश्वव्यापी अभियान की मांग है कि अमरीका क्यूबा को “आतंकवाद प्रायोजित करने वाले राज्य” की सूची से हटाया जाये

    दुनियाभर के कलाकार, बुद्धिजीवी, राजनीतिक नेता, जन आंदोलन, ट्रेड यूनियन और राजनीतिक दल एक ऐतिहासिक अभियान में साथ आए हैं। उन्होंने मांग की है कि अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडन क्यूबा को आतंकवाद के तथाकथित प्रायोजक राज्य की अपने देश की सूची से हटा दें।

  • राजस्थान प्लेटफॉर्म-आधारित गिग मज़दूर (पंजीकरण और कल्याण) अधिनियम, 2023 :
    गिग मज़दूरों की समस्याओं को हल करने का दावा

    मज़दूरों के रूप में मान्यता के बिना और ट्रेड यूनियन अधिकारों के अभाव में, गिग मज़दूर अपनी मांगों के लिए एकजुट होकर, संगठित रूप से लड़ने या अपनी समस्याओं का कोई हल हासिल करने की स्थिति में नहीं होंगे।


  • मणिपुर में संकट जारी है

    मणिपुर के लोगों को इस स्थिति से बाहर निकलना होगा। उन्हें शासक वर्ग की ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति का शिकार बनने से बचना होगा। उन्हें अपने संघर्ष का निशाना हिन्दोस्तानी शासक वर्ग को बनाना होगा, जो उनके सभी दुखों का स्रोत है।


  • छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल

    मज़दूर एकता कमेटी के संवाददाता की रिपोर्ट

    8 सितम्बर, 2023 को छत्तीसगढ़ राज्य के स्वास्थ्य विभाग में काम करने वाले कर्मचारियों ने हेल्थ फेडरेशन कर्मचारी संघ के झंडे तले, विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने राज्य के विभिन्न जिलों में आंदोलनरत कर्मचारियों के बर्ख़ास्त किये जाने का विरोध किया।


  • किसान संगठनों के संघर्ष का अगला पड़ाव

    4 सितम्बर, 2023 को चंडीगढ़ के पंजाब भवन में किसान संगठनों और पंजाब सरकार के बीच, केंद्र सरकार से सम्बन्धित मांगों को लेकर, वार्ता हुई।

  • नौकरियों की घटती संख्या और गिरता स्तर :
    देश की युवा श्रमशक्ति को बर्बाद किया जा रहा है

    सरकारी प्रवक्ताओं का दावा है कि हिन्दोस्तान दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली एक प्रमुख अर्थव्यवस्था है। परन्तु, नौकरियों की संख्या नहीं बढ़ रही है और उपलब्ध नौकरियों की गुणवत्ता बिगड़ रही है। हिन्दोस्तान की युवा आबादी, जो सबसे मूल्यवान उत्पादक शक्ति है, वह बर्बाद हो रही है। क्योंकि अर्थव्यवस्था पूंजीवादी लालच को पूरा करने पर केंद्रित है, न कि लोगों की ज़रूरतों को पूरा करने पर।

  • हमारे पाठकों से
    आज़ादी अधूरी है!

    प्रिय संपादक,

    मज़दूर एकता लहर में प्रकाशित लेख “शोषण, उत्पीड़न और भेदभाव से मुक्ति के बिना आज़ादी अधूरी है“ से स्पष्ट होता है कि आज़ादी के बाद बहुत कम बदलाव आया है। हम, मज़दूर वर्ग और हमारे सहयोगी – लिंग, धर्म और जाति के आधार पर शोषण और उत्पीड़न का शिकार होते रहते हैं। संपूर्ण राज्य मशीनरी वैसी ही बनी हुई है।

  • नई दिल्ली में आगामी जी-20 शिखर सम्मेलन :
    पूंजीवाद के समर्थकों के पास दुनिया की समस्याओं का कोई समाधान नहीं है

    जी-20 हमारे देश और पूरी दुनिया के लोगों को तबाह करने वाली प्रमुख समस्याओं, जैसे कि आर्थिक संकट, बेरोज़गारी, मुद्रास्फीति और प्राकृतिक पर्यावरण का विनाश आदि, का कोई समाधान नहीं निकाल सकता है। पूंजीवादी-साम्राज्यवादी व्यवस्था में इन समस्याओं का कोई समाधान नहीं है।


  • राजस्थान में फार्मासिस्ट धरने पर

    मज़दूर एकता कमेटी के संवाददाता की रिपोर्ट

    1 सितम्बर, 2023 से राजस्थान के अलग-अलग जिलों में स्थित सरकारी अस्पतालों और डिस्पेंसरियों में काम करने वाले फार्मासिस्ट अपनी मांगों को लेकर, राजस्थान फार्मासिस्ट कर्मचारी संघ (एकीकृत) की अगुवाई में क्रमिक धरना दे रहे हैं।


  • सफ़ाई कर्मचारियों की दुर्दशा और मौतों का विरोध

    मज़दूर एकता कमेटी के संवाददाता की रिपोर्ट

    28 अगस्त को नयी दिल्ली के जंतर-मंतर पर सैकड़ों महिला सफ़ाई कर्मचारियों ने एक ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ये कर्मचारी ‘सफ़ाई कर्मचारी आन्दोलन’ के झंडे तले, 11 मई 2022 से, यानी बीते लगभग 480 दिनों से, देश के अलग-अलग इलाकों में सफाई कर्मचारियों की मौतों पर रोशनी डालने के लिए आन्दोलन चला रही हैं।

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