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डिजिटल शिक्षा :
पूंजीपतियों के लिए एक वरदान और बहुसंख्य बच्चों और युवाओं के लिए एक त्रासदी

कोविड-19 महामारी की वजह से लगे लॉकडाउन ने हमारे देश के लाखों बच्चों और युवाओं के शिक्षा हासिल करने के सपनों और आकांक्षाओं को चकनाचूर कर दिया है।

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27 सितंबर का ‘भारत बंद’ हार्दिक समर्थन के योग्य है

मज़दूर एकता कमेटी का बयान 8 सितंबर, 2021
किसान यूनियनों के संयुक्त संगठन, संयुक्त किसान मोर्चा ने 27 सितंबर, 2021 को ‘भारत बंद’ का आह्वान किया है। पिछले साल इसी दिन हिन्दोस्तान के राष्ट्रपति ने संसद द्वारा पारित तीनों किसान-विरोधी कानूनों को मंजूरी दी थी। यह बंद दिल्ली की सीमाओं पर किसानों द्वारा बड़े पैमाने पर किये जा रहे विरोध प्रदर्शन के 10 महीने पूरे होने का प्रतीक होगा।

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रोज़गार की मात्रा और गुणवत्ता, दोनों में भारी गिरावट

हमारे देश की आबादी का एक बहुत बड़ा तबका अपनी रोजी-रोटी कमाने में असमर्थ है। लाखों परिवार दो वक़्त की रोटी के लिए भी मोहताज हैं। अपनी आमदनी में होने वाली कमी की वजह से, उन्हें जिससे भी उधार मिल सकता है उससे लेकर वे जीने के लिये लाचार हैं।

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टमाटर की कीमतों में गिरावट से किसानों को भारी नुकसान

27 अगस्त को महाराष्ट्र के नासिक में किसानों ने अपने टमाटरों के दर्जनों डिब्बों को सड़क पर और बाजार के चौक में फेंक दिया। वे उस कीमत का विरोध कर रहे थे जिस पर उन्हें अपनी फ़सल बेचनी पड़ी रही थी।

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शिक्षा मंत्रालय के प्रोजेक्ट के तहत नियुक्त किए गए शिक्षकों को निस्सहाय छोड़ा :
नई दिल्ली के शास्त्री भवन पर विरोध प्रदर्शन

आई.आई.टी. जैसे तकनीकी संस्थानों के स्नातकोत्तर (पोस्ट-ग्रेजुएट) विद्यार्थियों को शिक्षा मंत्रालय के ‘‘तकनीकी शिक्षा गुणवत्ता सुधार’’ कार्यक्रम (टी.ई.क्यू.आई.पी.) के लिए शिक्षक बतौर नियुक्त किया गया था। लेकिन प्रोजेक्ट के खतम हो जाने पर उनकी शिक्षक बतौर नियुक्ति को आगे नहीं ले जाया गया।

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करनाल में किसान प्रदर्शनकारियों पर हुए क्रूर हमले की निंदा

सरकार के किसान विरोधी कानूनों का विरोध कर रहे किसानों पर, 28 अगस्त को हरियाणा के करनाल के पास बस्तर टोल प्लाजा पर, पुलिस द्वारा बेरहमी से हमला किया गया था।

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दिल्ली सरकार ने आशा मज़दूरों को वादा किए गए प्रोत्साहन भत्ते का भुगतान नहीं किया

दिल्ली में लगभग 6,000 मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (आशा) को अप्रैल 2021 से मासिक प्रोत्साहन भत्ते का भुगतान नहीं किया गया है। यह प्रोत्साहन भत्ता उनको, कोविड-19 के रोगियों को घर पर ही इलाज़ उपलब्ध कराने के लिए और नियंत्रण क्षेत्रों में सर्वेक्षण करने के लिए दिया जाना चाहिए था।

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बिजली संशोधन विधेयक 2021 : 
बिजली क्षेत्र के मज़दूर निजीकरण के विरोध में संघर्ष की राह पर

हाल ही में मज़दूर एकता लहर के संवाददाता ने संसद पर धरना दे रहे बिजली क्षेत्र की यूनियनों व फेडरेशनों के नेताओं से उनके मुद्दों और मांगों के बारे में बात की। हम यहां दो साक्षात्कारों के मुख्य बिन्दू पेश करे हैं – अभिमन्यु धनखड़, ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ पावर डिप्लोमा इंजीनियर्स के राष्ट्रीय महासचिव हैं और इंजीनियर शैलेंद्र दूबे, ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के अध्यक्ष हैं।

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अफ़ग़ानिस्तान के लोगों के ख़िलाफ़ अमरीकी साम्राज्यवाद के वहशी अपराध कभी भुलाये नहीं जा सकते!

अफ़ग़ानिस्तान के लोगों को खुद अपना भविष्य तय करने का पूरा अधिकार है!

15 अगस्त, 2021 को तालिबान की सेना ने काबुल में प्रवेश किया और राष्ट्रपति के महल पर कब्ज़ा कर लिया। राष्ट्रपति अशरफ़ गनी कुछ ही घंटों पहले, अमरीकी मदद के साथ, भाग चुके थे। अमरीकी पैसों पर पली और अमरीका से प्रशिक्षण प्राप्त, तीन लाख सिपाहियों वाली अफगानी सेना बिना लड़े ही अस्त-व्यस्त हो गयी। इन घटनाओं के साथ, काबुल में अमरीका द्वारा समर्थित कठपुतली सरकार का अंत हुआ। इसके साथ-साथ, अफ़ग़ानिस्तान में लगभग 20 साल लम्बा अमरीकी दख़ल भी ख़त्म हुआ।

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पंजाब में गन्ना किसानों ने बकाया भुगतान और अपनी उपज के उच्च मूल्य के लिए आंदोलन किया

गन्ना मिलों के बढ़ते बकाये और कम (एस.ए.पी.) के ख़िलाफ़ पंजाब के दोआबा क्षेत्र के हजारों किसान 20 अगस्त से आंदोलन कर रहे हैं। एस.ए.पी. वह क़ीमत है जो मिल मालिक गन्ना किसान को उसकी उपज के लिए देता है। पंजाब के बटाला, गुरदासपुर, दीनानगर, पठानकोट, भोआ, होशियारपुर, भोगपुर और दसूया में गन्ने की खेती होती है। जालंधर में शुरू

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