बिजली एक आवश्यक सामाजिक ज़रूरत और सर्वव्यापी मानव अधिकार है

हिन्दोस्तान में बिजली पर वर्ग संघर्ष पर लेखों की श्रृंखला में यह छठवां लेख है

बिजली को लेकर जो वर्ग संघर्ष चल रहा है, वह इस बारे में है कि इस महत्वपूर्ण उत्पादक शक्ति का मालिक किसे होना चाहिए और इसके उत्पादन और वितरण का उद्देश्य क्या होना चाहिए। समाज में बिजली की भूमिका की परिभाषा इस संघर्ष के केंद्र बिंदू पर है।

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बिजली (संशोधन) विधेयक 2022 के विरोध में राष्ट्रीय अधिवेशन

2 अगस्त, 2022 को देश के कोने-कोने से आये बिजली क्षेत्र के मजदूरों ने बिजली (संशोधन) विधेयक 2022 के विरोध में नई दिल्ली स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब में एक राष्ट्रीय अधिवेशन में भाग लिया। इस अधिवेशन को नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इम्प्लॉइज एंड इंजीनियर्स (एन.सी.सी.ओ.ई.ई.ई.) ने आयोजित किया था। एन.सी.सी.ओ.ई.ई.ई. देश के सभी बिजली कर्मियों और इंजीनियरों की फेडरेशनों का एक संयुक्त मोर्चा है। 

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ग्रामीण रोज़गार गारंटी योजना के मज़दूरों का संसद पर धरना

देशभर से आए मनरेगा (महात्मा गाँधी नैशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी एक्ट) के मज़दूरों ने अपनी मांगों को लेकर, ‘नरेगा संघर्ष मोर्चा’ के झंडे तले, नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 2 से 4 अगस्त को तीन दिवसीय धरना दिया। नरेगा संघर्ष मोर्चा विभिन्न मनरेगा मज़दूरों के बीच काम करने वाले संगठनों का एक संयुक्त मोर्चा है।

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कर्नाटक के सफाई कर्मचारियों ने अपनी नौकरियों की नियमितीकरण की लड़ाई में जीत हासिल की

कर्नाटक के हजारों सफाई कर्मचारी 1 जुलाई 2022 से अपनी नौकरियों की नियमितीकरण को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहे। इन सफाई कर्मचारियों (जिन्हें पौरकर्मीका कहलाया जाता है) में मुख्य तौर पर महिला मज़दूर शामिल हैं। इस हड़ताल की वजह से सफाई के काम पर असर केवल बेंगलुरु के 198 वार्ड पर ही नहीं बल्कि कर्नाटक के सभी जिलों पर पड़ा।

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बीमा कर्मियों ने दो दिवसीय अखिल भारतीय हड़ताल की घोषणा की

मज़दूर यूनियन लंबे समय से इसकी मांग कर रहे हैं। पिछला वेतन समझौता अगस्त 2012 में हस्ताक्षरित किया गया था और अगस्त 2017 में यह समाप्त हो गया था। तब से, प्रबंधन और यूनियनों के बीच कोई नया वेतन समझौता नहीं किया गया है।

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जम्मू के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (जल शक्ति) कर्मियों ने ठेका मज़दूरों को नियमित करने की मांग की

जम्मू क्षेत्र के लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (जल शक्ति) के कर्मचारी 22 जून से लंबी हड़ताल कर रहे हैं। उनकी हड़ताल ने जम्मू क्षेत्र में कई स्थानों पर पानी की आपूर्ति को बुरी तरह से प्रभावित किया है।

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छत्तीसगढ़ में सरकारी कर्मचारियों की 25 जुलाई से हड़ताल

छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी महासंघ के बैनर तले सभी सरकारी कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर 25 से 29 जुलाई तक हड़ताल पर रहेंगे। सरकारी कर्मचारियों के 28 संगठन संयुक्त रूप से हड़ताल की अगुवाई कर रहे हैं।

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हनुमानगढ़ की नोहर तहसील क्षेत्र में सिंचाई के पानी के लिये किसानों का संघर्ष जारी

जुलाई के दूसरे सप्ताह में किसानों ने नोहर में महापंचायत आयोजित की जिसमें 3000 से भी अधिक किसानों ने हिस्सा लिया। जून, 2022 के अखिरी सप्ताह से हनुमानगढ़ की नोहर तहसील क्षेत्र में सिंचाई के पानी के लिये किसानअनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं।

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Chandigarh_Dharna

बिजली वितरण का निजीकरण – झूठे दावे और वास्तविक उद्देश्य

भारत में बिजली पर वर्ग संघर्ष पर लेखों की श्रृंखला में यह पांचवां लेख है

यदि सरकार बिजली (संशोधन) विधेयक 2022 को संसद में पेश करती है तो लगभग 27 लाख बिजली मज़दूर देश भर में हड़ताल पर जाने की धमकी दे रहे हैं। वे मांग कर रहे हैं कि सरकार बिजली वितरण के निजीकरण की अपनी योजना को लागू न करे।

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विश्व व्यापार संगठन का 12वां मंत्री स्तरीय सम्मेलन :
सबसे बड़ी साम्राज्यवादी शक्तियां विश्व व्यापार के नियम निर्धारित करती हैं

विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यू.टी.ओ.) का 12वां मंत्री स्तरीय सम्मेलन 12-17 जून, 2022 को संपन्न हुआ। विश्व व्यापार संगठन का निर्णय लेने वाला सर्वोच्च निकाय मंत्री स्तरीय सम्मेलन है और यह सम्मेलन आमतौर पर हर दो साल में एक बार होता है।

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