Thanjavur-_Protest


तमिलनाडु में किसानों के विरोध प्रदर्शन जारी हैं

तमिलनाडु के विभिन्न जिलों में, किसानों का आंदोलन जारी है। वे अपनी जायज़ मांगों के लिये संघर्ष कर रहे हैं, जिनमें शामिल हैं – सभी उपजों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी, यूरिया और अन्य उर्वरकों की उचित मूल्य पर पर्याप्त आपूर्ति, बिजली संशोधन अधिनियम को वापस लेना, बाढ़ की वजह से बरबाद हुई फ़सलों के लिए उचित मुआवज़ा, फ़सल बीमा और गैर कृषि कार्यों के लिए कृषि भूमि के जबरन अधिग्रहण को समाप्त करना।

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दिल्ली की सरहदों पर चले किसानों के विरोध धरने की दूसरी वर्षगांठ

दिल्ली की सीमाओं पर लाखों किसानों के धरने को शुरू करने के पूरे दो साल हो गये हैं। देशभर के किसानों ने राजधानी दिल्ली के आसपास 26 नवंबर, 2020 को शुरू किये गये अपने ऐतिहासिक विरोध की दूसरी वर्षगांठ के अवसर को चिन्हित करने का फ़ैसला किया है। इस दिन हर राज्य की किसान यूनियनें राजभवन के सामने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन आयोजित करेंगी। राज्य के राज्यपाल का ऐसा पद होता है जो केंद्र सरकार के आदेश का पालन करता है।

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Faridkot Protest


पंजाब के किसानों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन किया

हजारों किसान अपनी लंबित मांगों को पूरा नहीं किए जाने को लेकर 16 नवंबर से अनिश्चितकालीन धरने पर हैं। आंदोलनकारी किसानों ने पंजाब के मानसा, बठिंडा, पटियाला, फरीदकोट, मुकेरियां और अमृतसर में राजमार्गों को बंद कर दिया और उन्होंने जिला प्रशासन के कार्यालयों में धरना प्रदर्शन भी किया।

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बिजली क्षेत्र के मज़दूरों का संघर्ष ज़िन्दाबाद!
बिजली का निजीकरण समाज के हितों के ख़िलाफ़ है!

मज़दूर एकता कमेटी का बयान, 23 नवम्बर, 2022

बिजली संशोधन विधेयक 2022 के विरोध में बिजली क्षेत्र के मज़दूर बड़ी संख्या में दिल्ली के रामलीला मैदान में आये हैं। अन्य क्षेत्रों के मज़दूर भी आपके समर्थन में यहाँ मौजूद हैं। बिजली क्षेत्र के मज़दूरों का संघर्ष, निजीकरण के खि़लाफ़ देशभर में चल रहे संघर्ष का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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Electricity_Workers_Protest at Jantar mantar


बिजली मज़दूरों और इंजीनियरों का विशाल विरोध प्रदर्शन

23 नवम्बर, 2022 को ‘बिजली क्रांति रैली‘ के झंडे तले देश के कोन-कोने से हजारों बिजली मज़दूर नई दिल्ली में विशाल विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। वे बिजली (संशोधन) विधेयक 2022 और बिजली आपूर्ति के निजीकरण के सरकार के प्रयासों का विरोध करने के लिये आये थे। विरोध प्रदर्शन का आयोजन नेशनल कोर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाईज एंड इंजीनियर्स (एन.सी.सी.ओ.ई.ई.ई.) द्वारा किया गया था।

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मज़दूर एकता कमेटी द्वारा आयोजित मीटिंग :
किसान आंदोलन – चुनौतियां और आगे का रास्ता

लगभग दो साल पहले राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर, बड़े पैमाने पर आयोजित किये गये विरोध प्रदर्शन के लिये पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों के किसान एक साथ आए थे। उनके संघर्ष को बदनाम करने की केंद्र सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद, अपनी जायज मांगों के लिए संघर्ष करने का हमारे बहादुर किसानों का दृढ़ संकल्प देश और दुनियाभर के लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा।

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मिज़ोरम में पत्थर की खदान ढहने से मज़दूरों की मौत

15 नवंबर को मिज़ोरम के हनाथियाल जिले में हुये भूस्खलन के कारण एक पत्थर की खदान के ढह जाने से आठ खनन मज़दूरों की मौत हो गई और कम से कम 12 लापता हो गए। हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी खदान ढहने में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करती है।

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मुंबई में 26 नवंबर के आतंकी हमले की 14वीं बरसी पर :
मक़सद क्या था और असली मास्टरमाइंड कौन था?

26 नवंबर, 2022 को मुंबई में हुए आतंकवादी हमले की 14वीं बरसी है। भारी हथियारों से लैस दस आतंकवादियों ने लगातार तीन रात और दिन तक शहर में जबरदस्त तबाही मचाई। उनके निशाने पर थे – छत्रपति शिवाजी रेलवे टर्मिनस, ओबेरॉय ट्राइडेंट, ताज होटल, लियोपोल्ड कैफे, कामा अस्पताल, नरीमन हाउस और मेट्रो सिनेमा। इस हमले में 25 विदेशियों सहित 168 लोगों की जानें चली गईं।

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बिजली का निजीकरण समाज के हितों के विरुद्ध है
बिजली क्षेत्र के मज़दूरों का संघर्ष पूरी तरह जायज़ है

English_Kisan_interviewप्रथम प्रकाशन नवंबर 2022

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के द्वारा मई से अगस्त 2022 के बीच प्रकाशित लेखों का संकलन

(पी.डी.ऍफ़. डाउनलोड करने के लिए चित्र पर क्लिक करें)

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दिल्ली की नर्सों ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल की धमकी दी

दिल्ली नर्सेज फेडरेशन (डी.एन.एफ.) के बैनर तले सैकड़ों नर्सों ने अपनी नौकरियों के नियमितीकरण और लंबित पदोन्नति की मांग को लेकर 4, 5 और 6 नवंबर को प्रतिदिन सुबह 9 बजे से 11 बजे तक हड़ताल की। डी.एन.एफ. ने यह भी घोषणा की है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे 16 नवंबर को सामूहिक रूप से आकस्मिक अवकाश पर चले जाएंगे तथा 30 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

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