यह गणतंत्र पूंजीपति वर्ग की हुकूमत का साधन है

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केंद्रीय समिति का बयान, 23 जनवरी, 2024

हमारे देश के लोग सभी प्रकार के शोषण और उत्पीड़न से मुक्ति की आकांक्षा रखते हैं। इस आकांक्षा को पूरा करने के लिए, पूंजीपति वर्ग की हुकूमत की जगह पर, मज़दूरों और किसानों की हुकूमत स्थापित करनी होगी। ऐसा करके ही सभी प्रकार के शोषण को समाप्त किया जा सकेगा और अर्थव्यवस्था को, पूंजीवादी लालच को पूरा करने के बजाय, लोगों की ज़रूरतों को पूरा करने की दिशा में संचालित किया जा सकेगा।

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Anganwadi workers and helpers


आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपने अधिकारों की हिफ़ाज़त में संघर्ष करने के लिए ई.एस.एम.ए. (एस्मा) को भी चुनौती दे रही हैं

आंध्र प्रदेश राज्य की सरकार ने 6 जनवरी, 2024 को संघर्ष कर रही आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के ख़िलाफ़ आवश्यक सेवा और रखरखाव अधिनियम, 1971 एस्मा को लागू करने के आदेश जारी कर दिये। इस आदेश के अनुसार, कर्मचारियों पर छः महीने तक, हड़ताल पर जाने पर भी रोक लगा दी गई है। इस मनमाने क़दम से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बहुत नाराज़ हुईं और उन्होंने एकजुट होकर पिछले 26 दिनों से चल रहे अपने आंदोलन को और भी तेज़ करने का फ़ैसला किया।

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मध्यप्रदेश के मुलताई में 1998 में पुलिस की गोली से मारे गये किसानों की स्मृति में सम्मेलन

12 जनवरी, 2024 को मध्य प्रदेश के मुलताई गांव में किसान संघर्ष समिति द्वारा 26वां शहीद किसान स्मृति सम्मेलन आयोजित किया गया। इलाके के किसानों और मज़दूरों ने सम्मलेन में हिस्सा लिया। इस सम्मेलन में किसानों की समस्याओं और मांगों पर चर्चा की गई।

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चुनाव अभियानों में पूंजीपतियों द्वारा धन लगाये जाने की समस्या

चुनावी-मुक़ाबलों पर धनबल का प्रभुत्व, यह मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था की सबसे बड़ी ख़ामियों में से एक है। पूंजीपति अपनी पसंदीदा पार्टियों के चुनाव अभियानों के लिये धन देते हैं। ऐसी पार्टियों द्वारा बनाई गई सरकारें पूंजीपतियों के हित में काम करती हैं। इससे हुक्मरानों के इस दावे का पर्दाफ़ाश होता है कि यह हुकूमत लोगों का, लोगों द्वारा और लोगों के लिए है।

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कोरोमंडल इंटरनेशनल लिमिटेड से अमोनिया गैस का रिसाव :
प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई

लोगों पर पुलिस का हमला पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है। कंपनी में ज़िम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को सज़ा दी जानी चाहिए और सरकार को प्लांट के मज़दूरों और प्लांट के आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।

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मज़दूरों और किसानों के हितों की रक्षा के लिए घरेलू थोक व्यापार और विदेशी व्यापार का राष्ट्रीयकरण आवश्यक है

मज़दूरों और किसानों को यह मांग करनी चाहिए कि राज्य, किसानों के लिए उचित लाभकारी मूल्य पर सभी कृषि उपज की ख़रीद की गारंटी दे और उपभोक्ताओं को किफ़ायती मूल्य पर इसकी आपूर्ति सुनिश्चित करे। इसे सुनिश्चित करने के लिए, केंद्र और राज्य सरकारों को थोक-अंदरूनी व्यापार के साथ-साथ विदेशी व्यापार की भी ज़िम्मेदारी अपने हाथों में लेनी होगी और उन्हें आधुनिक सार्वजनिक वितरण व्यवस्था से भी जोड़ना पड़ेगा।

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ब्रिटेन में जूनियर डॉक्टरों की अब तक की सबसे लंबी हड़ताल

ब्रिटेन में नेशनल हेल्थ सर्विस (एन.एच.एस.) से जुड़े जूनियर डॉक्टर 3 से 9 जनवरी, 2024 तक 6 दिन की हड़ताल पर हैं। राज्य के धन से चलने वाले एन.एच.एस. के इतिहास में यह अब तक की सबसे लंबी हड़ताल बताई जा रही है।

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हमारे पाठकों से
पार्टी की स्थापना की 43वीं वर्षगांठ

प्रिय संपादक महोदय,

पार्टी की 43वीं वर्षगांठ के अवसर पर दिए गए लेख के बारे में, मैं अपने विचार प्रकट करना चाहती हूं। हर साल की तरह इस साल भी पार्टी के लेख के द्वारा अलग-अलग पहलुओं पर प्रकाश डाला गया है।

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हमारे पाठकों से
पार्टी की स्थापना की 43वीं वर्षगांठ

संपादक महोदय,

पार्टी के सभी साथियों को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं। पार्टी की स्थापना की 43वीं वर्षगांठ के भाषण को पढ़कर शरीर की ऊर्जा में और वृद्धि हो जाती है, इस बात की उम्मीद और बढ़ जाती है कि वह दिन अब दूर नहीं जब समाज में फै़सले लेने की ताक़त मज़दूर वर्ग और सभी मेहनतकष लोगों के हाथों में होगी।

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