कृषि का संकट और उसके समाधान पर दूसरी मीटिंग

क्रांतिकारी किसान यूनियन, पंजाब के डॉ. दर्शन पाल ने कहा कि “हरित क्रांति, जिसके कारण कृषि में पूंजीवाद का प्रसार हुआ, हमारे देश में कृषि के वर्तमान संकट के लिए ज़िम्मेदार है।” वे 30 सितंबर को मज़दूर एकता कमेटी (एम.ई.सी.) द्वारा आयोजित दूसरी मीटिंग को संबोधित कर रहे थे, जिसका विषय था: कृषि का संकट और समाधान।

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लेस्टर में हुई सांप्रदायिक हिंसा की निंदा करें!

सांप्रदायिक और नस्लीय हिंसा को बढ़ावा देने के लिए ब्रिटिश राज्य ज़िम्मेदार है!

सितंबर 2022 की शुरुआत में ब्रिटेन के लेस्टर शहर में सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं हुईं। इंडियन वर्कर्स एसोसिएशन, ग्रेट ब्रिटेन और ग़दर इंटरनेशनल ने एक बयान जारी करके ब्रिटिश राज्य द्वारा सांप्रदायिक हिंसा को बढ़ावा दिये जाने की निंदा की और दक्षिण एशियाई समुदाय के लोगों से अपने बीच एकता को बनाए रखने और मजबूत करने की अपील की। हम उस बयान के कुछ अंश नीचे प्रस्तुत कर रहे हैं:

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कृषि का संकट और उसका समाधान

हमारे देश की आबादी के भरण पोषण के लिए कृषि आवश्यक है। यह एक प्रमुख आर्थिक गतिविधि है। करोड़ों किसान और खेत मज़दूर अपनी आजीविका के लिए इस पर निर्भर हैं। हालांकि, आज हिन्दोस्तान में कृषि न तो आबादी के लिए पर्याप्त पौष्टिक खाद्य पदार्थ सुनिश्चित कर रही है और न ही खाद्य पदार्थों के उत्पादन में लगे लोगों को सुरक्षित आजीविका प्रदान कर रही है। कृषि का संकट पूरे हिन्दोस्तानी समाज को संकट में डाल रहा है।

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रेलवे के ट्रेकमैनों का दिल्ली में विशाल विरोध प्रदर्शन

28 सितम्बर, 2022 को आल इंडिया रेलवे ट्रेक मेंटेनर्स यूनियन (ए.आई.आर.टी.यू.) की अगुवाई में हजारों की संख्या में आये, रेलवे के ट्रेकमैनों ने अपनी मांगों को लेकर नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर विशाल विरोध प्रदर्शन किया।

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कृषि का संकट और समाधान

मज़दूर एकता कमेटी द्वारा आयोजित मीटिंग

मज़दूर एकता कमेटी (एम.ई.सी.) की ओर से संतोष कुमार ने यह कहते हुये मीटिंग की शुरूआत की कि “कृषि का संकट समाज के सभी वर्गों को प्रभावित करता है और मज़दूर वर्ग के लिए यह एक बहुत चिंता का विषय है।” वे 11 सितंबर को “कृषि का संकट और समाधान” विषय पर आयोजित एक ऑनलाइन मीटिंग की अध्यक्षता कर रहे थे।

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हमारे पाठकों से
अमरीकी साम्राज्यवादियों के अपराध

प्रिय संपादक,

सितंबर 11 के आतंकवादी हमले की 21वीं बरसी के अवसर पर प्रकाशित लेख सटीकता से दर्शाता है कि ”संयुक्त राज्य अमरीका वही राज्य है जिसने दूसरे विश्व युद्ध के बाद से, सर्व-सम्मति से स्थापित किये गए, राज्यों के आपसी संबंधों के हर नियम और मानदंड का बार-बार उल्लंघन किया है।”

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राडिया टेप्स और उनसे किस बात का पर्दाफाश हुआ

सर्वोच्च न्यायालय ने 2013 में सी.बी.आई. को इन टेपों की जांच करने का निर्देश इस टिप्पणी के साथ दिया था, कि ”राडिया की बातचीत दिखाती है कि निजी उद्यम सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर अपने निजी हित पूरे कर रहे हैं।”
सी.बी.आई. का रुख़ बताता है कि इस पूरे मामले को अब चुपचाप दबाया जा सकता है।

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Bhiwandi


भिवंडी में करघा मज़दूरों की विजय सभा

भिवंडी में 12 सितंबर, 2022 को लालबावटा पावर लूम वार्पर और असंगठित कामगार संगठन के बैनर तले “कामगार संघर्ष सभा” का आयोजन किया गया था। यह बैठक उन मज़दूरों की जीत का जश्न मनाने के लिए आयोजित की गई थी, जिन्होंने एक संयुक्त और दृढ़ संघर्ष के बाद 2000 रुपये की मासिक वेतन वृद्धि हासिल की।

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हमारे पाठकों से
महिलाओं के  ख़िलाफ़ बढ़ते अपराध

संपादक महोदय, मज़दूर एकता लहर में प्रकाशित लेख – हिन्दोस्तानी राज्य पूरी तरह से सांप्रदायिक है, आइए हम सब मिलकर इंसाफ करने के अपने संघर्ष को आगे बढ़ाएं – को पढ़कर मैं इस पर अपने विचार रखना चाहती हूं। हिन्दोस्तान में और दुनिया में महिलाओं पर हिंसा, अपराध व शोषण खूब तेजी़ से बढ़ रहा है। बिलकीस बानो आज का

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11 सितंबर के आतंकवादी हमले की 21वीं बरसी पर :
दुनिया पर अपनी दादागिरी क़ायम रखने के लिए अमरीकी-साम्राज्यवाद की अपराधी योजना

ऐसे समय पर, जब अमरीकी नेता ‘‘नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था’’ को बनाए रखने का दिखावा कर रहे हैं, यह बहुत ज़रूरी है कि सर्व सम्मति से स्थापित किये गए नियमों और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के मानदंडों का उल्लंघन करने के अमरीका के कारनामों के इतिहास को फिर से देखा जाए। यह भी जानना ज़रूरी है कि अमरीका द्वारा अंतर्राष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन अत्यधिक आक्रामक और सुनियोजित तरीके से, विशेष रूप से 2001 के बाद से, लगातार जारी है।

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