हिन्दोस्तान में बिजली आपूर्ति का ऐतिहासिक विकास – 1947 से 1992

यह हिन्दोस्तान में बिजली पर वर्ग संघर्ष के लेखों की श्रृंखला में तीसरा लेख है

आज हमारे देश में बिजली के उत्पादन और वितरण के संबंध में आधिकारिक स्थिति, हिन्दोस्तानी सरकार द्वारा 1947 में घोषित की गई स्थिति के विपरीत है। उस समय यह घोषणा की गई थी कि राज्य को सभी को और पूरे देश में सस्ती कीमत पर बिजली प्रदान करने की पूरी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। बिजली क्षेत्र के लिए नीति को पूरी तरह से पलट क्यों दिया गया है? इस प्रश्न का हल ढूंढने के लिए, हमारे देश में पूंजीपति वर्ग और पूंजीवादी व्यवस्था के विकास के संदर्भ में बिजली क्षेत्र के विकास के इतिहास का अध्ययन करना आवश्यक है।

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मैड्रिड में नाटो का शिखर सम्मेलन:
एक विस्तारवादी जंग-भड़काऊ एजेंडे की घोषणा

अमरीका के नेतृत्व वाले उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) का एक शिखर सम्मेलन 28-30 जून के बीच मैड्रिड, स्पेन में आयोजित किया गया। मैड्रिड में नाटो का शिखर सम्मेलन, स्पेन के इस अंतरराष्ट्रीय सैन्य गठबंधन में शामिल होने की 40वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया गया था जिसमें यूरोप और उत्तरी अमरीका के 30 सदस्य देश शामिल हैं।

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NATO_Madrid


नाटो शिखर सम्मेलन के ख़िलाफ़ बड़े पैमाने पर विरोध

28-30 जून के बीच मैड्रिड, स्पेन में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के ख़िलाफ़, विरोध प्रदर्शनों में हजारों लोगों ने भाग लिया। उन पर लगे प्रतिबंध की अवहेलना करते हुए ये विरोध प्रदर्शन आयोजित किये गये। युद्ध की तैयारियों के ख़िलाफ़, लोगों के कड़े विरोध और निंदा से, नाटो नेताओं को बचाने के लिए, 10,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को लामबंद किया गया और मैड्रिड को एक सशस्त्र शिविर में बदल दिया गया।

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CGT_demonstration_against_privatisation_of_SNCF


फ्रांस में रेल कर्मचारी अधिक वेतन की मांग को लेकर हड़ताल पर

6 जुलाई को, एस.एन.सी.एफ. (फ्रांस की राज्य के स्वामित्व वाली रेल कंपनी) के चार मज़दूर यूनियन – सी.जी.टी., यू.एन.एस.ए., एस.यू.डी.-रेल और सी.एफ.डी.टी. – हड़ताल पर चले गए। हड़ताल ने पूरे देश में रेल सेवाओं को ठप्प कर दिया।

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विश्वव्यापी खाद्य-संकट के लिए क्या और कौन ज़िम्मेदार है?


2022 में संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा खाद्य-संकट पर प्रकाशित हुई इस वैश्विक-रिपोर्ट (जी.आर.एफ.सी.) के अनुसार, 2021 में 53 देशों के लगभग 20 करोड़ लोगों को खाना भी नसीब नहीं हो पाया। वे भूखे मरने को मजबूर थे।

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गुजरात जनसंहार के पीड़ितों के लिये न्याय की योद्धा, तीस्ता सीतलवाड़ की गिरफ़्तारी की कड़ी निंदा करें

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी, तीस्ता सीतलवाड़ की अन्यायपूर्ण गिरफ़्तारी की निंदा करने में, देश के सभी न्यायपसंद लोगों के साथ खड़ी है।

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बेहतर वेतन और सुरक्षित नौकरी के लिये ब्रिटेन के रेल मज़दूरों की विशाल हड़ताल

पिछले 30 वर्षों में 21 जून को ब्रिटेन के रेल मज़दूरों की सबसे बड़ी हड़ताल देखी गई। वेतन वृद्धि और सुरक्षित नौकरियों की अपनी मांग के समर्थन में दसों हजार रेल मज़दूरों ने काम करने से इंकार कर दिया।

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वेतन पर रोक और महंगाई तथा युद्ध के ख़िलाफ़ बेल्जियम में देशव्यापी हड़ताल

बेल्जियम में मज़दूरों ने 20 जून को देशव्यापी हड़ताल की थी। उसी दिन राजधानी ब्रसेल्स में बड़े पैमाने पर एक प्रदर्शन का आयोजन किया गया था।

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London_protest


ब्रिटेन में मज़दूरों ने घोषणा की कि “बस करो बहुत हो गया – अब हमें बेहतर ज़िन्दगी चाहिये”

18 जून को हजारों मज़दूरों ने रोजमर्रा की ज़रूरतों के खर्च में भारी वृद्धि के ख़िलाफ़ विरोध करने के लिए मध्य लंदन की सड़कों पर जुलूस निकाला। यह विशाल जुलूस संसद चैक पर एक रैली के रूप में समाप्त हुआ।

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सेना में भर्ती के लिए अग्निपथ योजना के ख़िलाफ़ व्यापक विरोध :
बेरोज़गार युवाओं का गुस्सा बिल्कुल जायज़ है

सेना में भर्ती होने की इच्छा रखने वाले लाखों बेरोज़गार युवा, देश के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने के लिये सड़कों पर उतर आए हैं। वे सेना में युवाओं की भर्ती के लिए, केंद्र सरकार द्वारा 14 जून को घोषित की गई अग्निपथ नामक एक नई योजना के खि़लाफ़ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

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