आन्ध्र प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों की मांगें पूरी हुईं

सरकार द्वारा मज़दूरों की अधिकतर मांगों को मानने के बाद, 23 जनवरी, 2011 को आन्ध्र प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों ने अपना अनिश्चितकालीन आंदोलन समाप्त कर दिया है। 19 जनवरी को शुरू की गयी अनिश्चितकालीन हड़ताल में दस लाख से भी ज्यादा कर्मचारियों ने भाग लिया। इसे पैन डाउन, टूल डाउन, चॉक

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सीमेंट कारखानों के मज़दूरों की इंसाफ की लड़ाई

आन्ध्र प्रदेश के कुर्नूल जिले में स्थित जिन्दल सीमेंट कारखाने के मज़दूर, 22 जनवरी, 2011 से पुलिस के हमलों और गोलीबारी को झेलते हुये बहादुरी से आंदोलन करते आये हैं। उनके आंदोलन का तात्कालिक कारण उस दिन काम करने के असुरक्षित हालत के कारण एक मज़दूर की मौत थी। मज़दूर अपने मृत साथी के

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स्टेनलैस स्टील इकाई में संघर्ष

तमिलनाडु के तिरपुर में स्थित स्टेनलैस स्टील के बर्तन बनाने के कारखानों में काम करने वाले मज़दूर वेतन वृध्दि की मांग को लेकर 19 दिसम्बर से हड़ताल पर हैं। इस हड़ताल में 2500 मज़दूर और उनके परिवार शामिल हैं।

ओडिसा के तेल रिफाइनरी मज़दूरों की जन रैली

मां बैदेही ऑयल रिफाइनरी वर्कर्स यूनियन के झंडे के तले, हजारों तेल रिफाइनरी मज़दूरों ने पारादीप, ओडिसा में 14 जनवरी, 2011 को अपनी मांगों के समर्थन में एक जन रैली कामयाब की।
यूनियन

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सूरत के विद्युत करघा मज़दूरों का संघर्ष

सूरत के विद्युत करघा (पावर लूम) मज़दूरों ने 17 जनवरी, 2011 से वेतन वृध्दि की मांग को लेकर अपनी हड़ताल शुरू की है। उन्हें पुलिस के साथ बहादुरी से लड़ना पड़ा है जिसमें 15 मज़दूर जख्मी होने की रिपोर्ट मिली है।

असम गैस प्लांट मज़दूरों का संघर्ष

ब्रह्मपुत्र क्रेकर एण्ड पॉलीमर लिमिटेड निर्माण श्रमिक यूनियन के झंडे के तले संगठित मज़दूरों ने 5 जनवरी, 2011 से डिब्रूगढ़ के समीप लेपेटकाटा परियोजना स्थल पर अपनी मांगों के समर्थन में हड़ताल की। मज़दूरों ने ध्यान दिलाया है कि ब्रह्मपुत्र क्रेकर एण्ड पॉलीमर लिमिटेड (बी.सी.पी.एल.), इं

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मणीपुर के अध्यापक संघर्ष की राह पर

छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिये मणीपुर के स्कूल अध्यापकों का आंदोलन जारी है।
स्कूल अध्यापक, काउंसिल ऑफ टीचर्स एसोसियेशन (कोटा) के झंडे तले आंदोलन कर रहे हैं। 23 ज

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पी-5 देशों के प्रधानों की हाल की हिन्दोस्तान यात्राओं की समीक्षा : हिन्दोस्तान खतरनाक साम्राज्यवादी रास्ते पर

2010 के आखिरी 6 महीनों में अमरीका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस और चीन के प्रधानों ने सरकारी तौर पर हिन्दोस्तान की यात्रा की। यह देश संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 5 स्थाई सदस्य हैं, जिन्हें पी-5 के नाम से जाना जाता है। इन पी-5 प्रधानों का, एक के बाद एक, हिन्दोस्तान आना यह दिखाता है कि दुनिया की सबसे बड़ी साम्राज्यवादी त

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कर्नाटक में संकट – लोगों के लिए संभावनाएं और खतरे

कर्नाटक राज्य में एक गंभीर संकट उभरकर आया है, जिसकी वजह से बैंगलोर में व आसपास उच्च कोटि की भूमि के आवंटन में अपने परिजनों के साथ पक्षपात करने के आरोपी मुख्यमंत्री श्री बी.एस. येदयूरप्पा पर राज्यपाल श्री एस.आर.

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बांग्लादेश में ट्रेड यूनियनों पर हमला

बांग्लादेश के दसों-हजारों वस्त्र मज़दूरों द्वारा वेतन में बढ़ोतरी के लिये दिसम्बर में हुये संघर्ष के बारे में हम मज़दूर एकता लहर में पहले भी लिख चुके हैं।
मज़दूरों के इन प्रदर्शनों के बादआगे पढ़ें