गंभीर विश्लेषण और दूरदर्शिता की आवश्यकता है

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव, लाल सिंह, 16 जुलाई 2011

यह ध्यान देने योग्य बात है कि हिन्दोस्तान और पाकिस्तान, दोनों शंघाई सहयोग संधी की सदस्यता पाने के इच्छुक हैं जो एक महत्वपूर्ण गुट है जिसमें चीन, रूस और चार मध्य एशियाई देश शामिल हैं। इस वक्त यह अमरीका के रणनैतिक हित में है कि एशियाई देशों के बीच एक राजनीतिक गठबंधन को न उभरने दिया जाये। मुंबई में एक और श्रृंखलाबद्ध बम विस्फोटों के जरिये हिन्द-पाक दुश्मनी की आग में हवा फूंकना, इस रणनीति से बहुत मेल खाता है। अतः राजनीतिक दृष्टिकोण से यह अवधारणा सबसे ज्यादा संभव लगती है।

आगे पढ़ें

लिबिया की संप्रभुता की हिफ़ाज़त करें! साम्राज्यवादी हमला मुर्दाबाद!

लिबिया पर अमानवीय और नाजायज़ साम्राज्यवादी हमला जारी है। नाटो ताकतों की विनाशकारी युद्ध ताकत के साथ-साथ, नये आर्थिक और राजनीतिक दबाव डाले जा रहे हैं। इस जंग का मकसद है “सत्ता परिवर्तन”, यानि गद्दाफी को राजनीतिक और हो सके तो शारीरिक रूप से नष्ट करना और अमरीका, फ्रांस व ब्रिटेन के नियंत्रण में एक कठपुतली सत्ता को वहां स्थापित करना।

आगे पढ़ें

बैंकों के निजीकरण का विरोध करें! जनता की बचत के पैसे की रक्षा करें!

5 अगस्त को राजकीय बैंकों के 10 लाख से अधिक बैंक कर्मियों की हड़ताल का समर्थन करें!

युनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स, जिसमें सभी राजकीय बैंकों के कर्मचारियों और अफसरों के 9 यूनियन शामिल हैं, ने 5अगस्त को एक दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया है। मजदूरों के यूनियन अपने बढ़ते शोषण तथा अपने अधिकारों और काम की हालतों पर हमलों के खिलाफ़ संघर्ष कर रहे हैं। वे वैश्विक स्पर्धा के नाम पर अधिकतम म

आगे पढ़ें

बैंक मज़दूरों की आगामी हड़ताल के बारे में कामरेड रामानंद से मुलाकात

युनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन्स (जिसमें कर्मचारियों के 5 और अफ़सरों के 4 यूनियन शामिल हैं) ने 5 अगस्त को सर्व हिन्द हड़ताल की घोषणा की, मज़दूर एकता लहर के संवाददाताओं ने 13 जुलाई को दिल्ली में बैंक मज़दूरों के वरिष्ठ नेताओं में से एक से उसके बाद मुलाकात की। कामरेड रामानंद दिल्ली राज्य स्टेट बैंक एम्प्लाइज़ फेडरेशन के महासचिव तथा आल इंडिया बैंक एम्प्लाइज़ असोसिएशन के अग्रणीय नेताओं में से एक हैं।

आगे पढ़ें

किन हिस्सों का निजीकरण हो चुका है, और किन हिस्सों का निजीकरण होने जा रहा है?

  • 5 हवाई अड्डों का निजीकरण हो चुका है। ये हैं दिल्ली, मुंबई, बंगलूरु, हैदराबाद और कोची। देश के अंदर तथा अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के संदर्भ में ये 5 हिन्दोस्तान के सबसे मुनाफेदार हवाई अड्डे हैं। उनके निजीकरण से एयरपोर्ट अथॉरिटी आफ़ इंडिया की आमदनी पर बहुत असर पड़ा है।
  • मुंबई हवाई अड्डे के निजीकरण के दौरान, सरकार और एयर इंडिया के सी.एम.डी.जाधव ने एयर इंडिया की महंगी जमीन निज

    आगे पढ़ें

बैंक कर्मियों की आगामी हड़ताल के बारे में कामरेड पी.के. शर्मा के साथ साक्षात्कार

पी.के. शर्मा, संयोजक, युनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स, तथा महासचिव, (1) स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ असोसिएशन (दिल्ली सर्कल) तथा नैश नल कॉन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लाइज़ (दिल्ली राज्य) के साथ साक्षात्कार के कुछ अंश:

आगे पढ़ें

उत्पीड़न के स्पष्ट उदाहरण – एयर इंडिया की रक्षा करने के लिये

  • 2010 के गर्मी के मौसम में, मैंगलूरू की विमान दुर्घटना के बाद, इंजीनियर, कैबिन क्रू और जमीनी काम के कर्मचारियों ने अचानक हड़ताल की। हड़ताल का तात्कालीन कारण यह था कि सरकार ने अपने सीएमडी के जरिये, बैंगलूरू से मैंगलूरू जाने वाले बचाव विमान को सरटिफाई कराने के लिये एक निजी इंजीनियर को नियुक्त किया था। यह इसके बावजूद किया गया, कि इंडियन एयरलाइंस के विमान चालक अपने विमानों की फिटनेस की ज

    आगे पढ़ें

होंडा मजदूरों पर बेरहम हमले की छठी वर्षगांठ :

श्रमिकों ने आई.एम.टी. मानेसर में अपनी ताकत दर्ज़ की

25 जुलाई, 2011 को हरियाणा के औद्योगिक जिला, गुड़गांव स्थित आई.एम.टी. मानेसर में होंडाकांड की छठी बरसी के अवसर पर, संयुक्त संघर्ष समिति-गुड़गांव, बावल, धारूहेड़ा, रेवाड़ी ने रैली आयोजित की। इसमें विभिन्न यूनियन के दस हजार से अधिक मजदूरों ने उत्साह से भाग लिया।

आगे पढ़ें

रेलचालक कर्मचारी अपने अधिकारों की रक्षा में महत्वपूर्ण कदम लेने की तैयारी में

मध्य रेलवे के ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसियेशन (ए.आई.एल.आर.एस.ए.) के मुंबई विभाग की अर्धवार्षिक सभा 16 जुलाई, 2011 को कल्याण के महावीर हॉल में की गयी। जबरदस्त बारिश के बावजूद सौ से भी अधिक प्रतिनिधि सभा में भाग लेने के लिये उपस्थित थे। ए.आई.एल.आर.एस.ए. रेलवे चालकों का लड़ाकू संगठन है, जिसके झंडे तले दसियों-हजारों रेलचालक अपने अधिकारों के लिये संगठित हो रहे हैं।

आगे पढ़ें

निजीकरण की कोशिश के पीछे कौन है और क्यों?

एयर इंडिया के मजदूर अपनी कंपनी को दिवालिया बनाये जाने व उसका निजीकरण करने के प्रयासों के खिलाफ़ जोरदार संघर्ष कर रहे हैं।

एयर इंडिया के विभिन्न मजदूर – विमान चालक, कैबिन क्रू, जमीनी कर्मचारी और इंजिनियरिंग कर्मचारी – सभी ने लगातार यह पर्दाफाश किया है कि एयर इंडिया के वर्तमान सी.एम.डी. अरविन्द जाधव और संप्रग सरकार 1और 2के तहत नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयर इंडिया को सुनियोजित तरीके से नुकसान पहुंचाया है ताकि इस मुनाफेदार कंपनी को एक नुकसानजनक कंपनी में बदल दिया जाये। उन्होंने यह पर्दाफाश किया है कि कंपनी को क्रमशः दिवालिया बनाकर उसके एक-एक हिस्से का निजीकण किया जा रहा है ताकि अन्ततः उसका पूरा निजीकरण किया जा सके।

आगे पढ़ें