इस उपनिवेशवादी प्रकार के गणतंत्र को बहुत देर तक बर्दाश्त कर लिया है!

मजदूर वर्ग को हिन्दोस्तानी संघ का पुनर्गठन करना होगा!

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति का बयान, 10 जनवरी, 2010

60वर्ष पहले, 26जनवरी, 1950को हिन्दोस्तानी संघ का गणतंत्र स्थापित किया गया था।

संविधान सभा में बैठे कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने एक संविधान अपनाया था।

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ट्रेड यूनियनों ने मार्च महीने में जनप्रदर्शन का आह्वान दिया

ट्रेड यूनियनों ने घोषणा की है कि 5 मार्च, 2010 को पूरे देश में जनप्रदर्शन आयोजित किये जायेंगे। उम्मीद है कि इनमें 10 लाख से अधिक मजदूर भाग लेंगे।

ट्रेडयूनियनों की मांगें इस प्रकार हैं :

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गाज़ा पर इस्राइली हमले की सालगिरह पर विरोध प्रदर्शन

31दिसम्बर, 2009और 9जनवरी, 2010के बीच मिश्र, गाज़ा, इस्राइल और दुनिया के कई शहरों में, गाज़ा पर इस्राइली हमले की सालगिरह के अवसर पर दसों-हजारों लोगों ने विरोध प्रदर्शन किये।

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क्यूबा के लोगों का अपनी प्रभुसत्ता की हिफ़ाज़त में संघर्ष को हिन्दोस्तान के मजदूर वर्ग और लोगों का समर्थन हासिल है

1 जनवरी, 2010 क्यूबा की क्रांति की सालगिरह है जिसमें क्यूबा में फासीवादी हुकूमशाही का खात्मा हुआ। 51 साल पहले 8 जनवरी, 1959 को क्यूबा के लोगों के आत्मनिर्धारण के लिए संघर्ष की जीत हुई जब उन्होंने बातिस्ता हुकूमशाही का तख्ता पलट किया; क्यूबा के लोगों ने खुद अपना भविष्य तय करने का हक़ हासिल किया।

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प्रवासी मजदूर संगठनों ने अपने अधिकारों की गारंटी मांगी

1 जनवरी, 2010 को जब सरकार बड़ी धूम-धाम से प्रवासी भारतीय दिवस मना रही थी, तब प्रवासी मजदूर संगठनों ने संसद के सामने एक रैली आयोजित की। उन्होंने रोजी-रोटी के लिये विदेश जाने वाले हिन्दोस्तानी मजदूरों तथा रोजी-रोटी के लिये दूसरे देशों से हिन्दोस्तान आने वाले मजदूरों के अधिकारों के अभाव का विरोध किया। इन संगठनों ने देश के अंदर, एक राज्य से दूसरे राज्य में काम करने के लिये जाने वाले मजदूरों के अध

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मछली कर्मियों ने अपनी समस्याओं को लेकर देशव्यापी प्रदर्शन किया

राष्ट्रीय मछली कर्मी फोरम ने अपने सभी राज्य ट्रेड यूनियनों के साथ मिलकर 11 जनवरी, 2010 को नयी दिल्ली में संसद के सामने दिन-भर धरना दिया।

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देश भर में निर्माण मजदूरों की हड़ताल

7लाख से अधिक निर्माण मजदूरों ने 8दिसम्बर, 2009को देश भर में हड़ताल की। 19राज्यों के 175जिलों में तथा 50बड़ी निर्माण परियोजनाओं में यह हड़ताल की गई। कंस्ट्रक्शन वर्कर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (सी.डब्ल्यू.एफ.आई.) ने हड़ताल का आह्वान दिया था।

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पेट्रोलियम मजदूरों की गोष्ठी

देश के तेल और गैस मजदूरों ने मुम्बई में 11-12 दिसम्बर, 2009 को अपने संगठन की गोष्ठी की।

गोष्ठी के नारे थे – ''आत्मनिर्भर राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के लिये तेल की सार्वजनिक क्षेत्र कंपनियों की रक्षा करो!'' और ''ट्रेड यूनियन बनाने और सामूहिक सौदे के अधिकार को सुरक्षित करने के लिये नियमित और ठेका मजदूरों के संघर्षों को एकजूट किया जाये!''

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जूट मजदूरों की हड़ताल

पश्चिम बंगाल के 2.5 लाख जूट मजदूरों ने 14 दिसम्बर, 2009 को अनिश्चितकालीन हड़ताल की। उन्होंने मालिकों और सरकार के बीच हुये पूर्व त्रिपक्षीय समझौतों को लागू करने और बढ़ती महंगाई को देखते हुये महंगाई भत्ता दिये जाने की मांग की। मजदूरों ने हड़ताल के द्वारा सरकार और जनता को यह बताना चाहा कि मिल मालिक सभी समझौतों और श्रम कानूनों का हनन करते हैं। जूट मजदूरों के 21 टे्रड यूनियनों ने हड़ताल का आह्वान दिय

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