Indigo-Airlines-employees-on_flash_strike_Varanasi


इंडिगो एयरलाइंस के कर्मचारियों का अपनी मांगों के लिए संघर्ष

इंडिगो एयरलाइंस के कर्मचारियों के सभी तबकों – फ्लाइट क्रू, तकनीशियन और अन्य ग्राउंड स्टाफ़ – ने अपने अधिकारों का दावा करने के लिए संघर्ष का रास्ता अपनाया है।

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Employees_Central_Coalfields_participate_in_3day_coal_strike_outside_Raj_Bhawan_Ranchi


कोल इंडिया के मज़दूर संघर्ष की तैयारी कर रहे हैं

हिन्दोस्तान की सरकार ने प्रस्ताव किया है कि 160 भूमिगत ख़दानों को राष्ट्रीय मुद्रीकरण नीति के तहत, निजी कंपनियों को सौंप दिया जायेगा।

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बिजली (संशोधन) विधेयक 2022 के विरोध में राष्ट्रव्यापी आन्दोलन का ऐलान

ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन ने केंद्रीय विद्युत मंत्री को पत्र लिखकर यह मांग की है कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में जारी किए गए बिजली (संशोधन) विधेयक 2022 के मसौदे पर, बिजली उपभोक्ताओं और बिजली कर्मियों से विस्तृत बात किए बिना, इस बिल को संसद के मानसून सत्र में पेश न किया जाये।

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बिजली उत्पादन का निजीकरण – झूठे दावे और असली उद्देश्य

यह हिन्दोस्तान में बिजलीक्षेत्र में वर्ग संघर्ष पर लेखों की एक श्रृंखला में चौथा लेख है

1992 में स्वतंत्र बिजली उत्पादक (आई.पी.पी.) नीति की शुरुआत के साथ, बिजली का उत्पादन हिन्दोस्तानी और विदेशी पूंजीपतियों के लिए खोल दिया गया था। 1992 से पहले, बिजली का उत्पादन सार्वजनिक क्षेत्र में ही किया जाता था ।

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हिन्दोस्तान में बिजली आपूर्ति का ऐतिहासिक विकास – 1947 से 1992

यह हिन्दोस्तान में बिजली पर वर्ग संघर्ष के लेखों की श्रृंखला में तीसरा लेख है

आज हमारे देश में बिजली के उत्पादन और वितरण के संबंध में आधिकारिक स्थिति, हिन्दोस्तानी सरकार द्वारा 1947 में घोषित की गई स्थिति के विपरीत है। उस समय यह घोषणा की गई थी कि राज्य को सभी को और पूरे देश में सस्ती कीमत पर बिजली प्रदान करने की पूरी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। बिजली क्षेत्र के लिए नीति को पूरी तरह से पलट क्यों दिया गया है? इस प्रश्न का हल ढूंढने के लिए, हमारे देश में पूंजीपति वर्ग और पूंजीवादी व्यवस्था के विकास के संदर्भ में बिजली क्षेत्र के विकास के इतिहास का अध्ययन करना आवश्यक है।

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मैड्रिड में नाटो का शिखर सम्मेलन:
एक विस्तारवादी जंग-भड़काऊ एजेंडे की घोषणा

अमरीका के नेतृत्व वाले उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) का एक शिखर सम्मेलन 28-30 जून के बीच मैड्रिड, स्पेन में आयोजित किया गया। मैड्रिड में नाटो का शिखर सम्मेलन, स्पेन के इस अंतरराष्ट्रीय सैन्य गठबंधन में शामिल होने की 40वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया गया था जिसमें यूरोप और उत्तरी अमरीका के 30 सदस्य देश शामिल हैं।

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NATO_Madrid


नाटो शिखर सम्मेलन के ख़िलाफ़ बड़े पैमाने पर विरोध

28-30 जून के बीच मैड्रिड, स्पेन में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के ख़िलाफ़, विरोध प्रदर्शनों में हजारों लोगों ने भाग लिया। उन पर लगे प्रतिबंध की अवहेलना करते हुए ये विरोध प्रदर्शन आयोजित किये गये। युद्ध की तैयारियों के ख़िलाफ़, लोगों के कड़े विरोध और निंदा से, नाटो नेताओं को बचाने के लिए, 10,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को लामबंद किया गया और मैड्रिड को एक सशस्त्र शिविर में बदल दिया गया।

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CGT_demonstration_against_privatisation_of_SNCF


फ्रांस में रेल कर्मचारी अधिक वेतन की मांग को लेकर हड़ताल पर

6 जुलाई को, एस.एन.सी.एफ. (फ्रांस की राज्य के स्वामित्व वाली रेल कंपनी) के चार मज़दूर यूनियन – सी.जी.टी., यू.एन.एस.ए., एस.यू.डी.-रेल और सी.एफ.डी.टी. – हड़ताल पर चले गए। हड़ताल ने पूरे देश में रेल सेवाओं को ठप्प कर दिया।

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World_wheat_prices


विश्वव्यापी खाद्य-संकट के लिए क्या और कौन ज़िम्मेदार है?

2022 में संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा खाद्य-संकट पर प्रकाशित हुई इस वैश्विक-रिपोर्ट (जी.आर.एफ.सी.) के अनुसार, 2021 में 53 देशों के लगभग 20 करोड़ लोगों को खाना भी नसीब नहीं हो पाया। वे भूखे मरने को मजबूर थे।

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