लोक राज समिति संजय कालोनी का वार्षिक अधिवेशन :

लोगों के हाथों में राज्य सत्ता के साधन बतौर लोक राज समितियों का विकास करें!

दक्षिण दिल्ली के ओखला औद्योगिक स्थित संजय कालोनी की लोक राज समिति का वार्षिक खुला अधिवेशन 19 फरवरी, 2012 को संपन्न हुआ। इसमें निवासी सदस्यों के अलावा, आसपास की लोक राज समितियों के सदस्यों को पर्यवेक्षक बतौर आमंत्रित किया गया था।

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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2012 :

सरकार नहीं, व्यवस्था को बदलो!

5 मार्च, को दिल्ली के विभिन्न संगठनों ने संयुक्त रूप से अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, संसद मार्ग पर विशाल जनसभा आयोजित की।

इसमें दिल्ली की अलग-अलग जगहों से आयीं सैकड़ों कामकाजी महिलाओं, छात्राओं तथा अलग-अलग पेशेवर महिलाओं तथा कार्यकर्ताओं ने उत्साह के साथ भाग लिया।

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सरकारों का काम पूंजीपतियों के मुनाफों को सुनिश्चित करना है!

संपादक महोदय,

मैंने मजदूर एकता लहर के अंक 1-15 फरवरी, 2012 में प्रकाशित लेख ''एयर इंडिया के निजीकरण की मजदूर-विरोधी और राष्ट्र-विरोधी नीति का पर्दाफाश और जमकर विरोध करना होगा!'' को पढ़ा।

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रेल चालकों की मांगों पर गौर करने के लिये केन्द्र ने एक ट्रिब्यूनल स्थापित किया

केन्द्र सरकार ने रेल चालकों की चार मांगों पर गौर करने के लिये न्यायाधीश गौरी शंकर सराफ का एक व्यक्ति वाला ट्रिब्यूनल नियुक्त किया है। ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसियेशन(ए.आई.एल.आर.एस.ए.) की ये लंबे समय से मांग रही हैं और इनके लिये उन्होंने कई बार आंदोलन किये हैं।

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28 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल पर मजदूर नेताओं से वार्तालाप

28 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल के अवसर पर, मजदूर एकता लहर ने विभिन्न मजदूर नेताओं से साक्षात्कार लिया। उनके कुछ अंश हम नीचे प्रकाशित कर रहे हैं।

बिरजू नायक, सचिव, मजदूर एकता कमेटी

म.ए.ल.

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आर्थिक सुधार कार्यक्रम पर मजदूर-मेहनतकशों के विचार

मजदूर वर्ग और मेहनतकशों की हिमायत करने वाले अखबार और संगठन बतौर, हम मेहनतकशों के नेताओं से यह सवाल कर रहे हैं कि 20 वर्ष पहले शुरू किये गये सुधारों के परिणामों के बारे में हिन्दोस्तान के मेहनतकशों का क्या विचार है। क्या उन सुधारों से मजदूर वर्ग और मेहनतकश जनसमुदाय को फायदा हुआ है या नुकसान?

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साक्षात्कार – राजवीर सिंह, नॉर्दन रेलवे मेंस यूनियन के अध्यक्ष

राजवीर सिंह : रेलवे में आज मुख्य समस्या निजीकरण की है। इसमें सारा काम ठेके पर दिया जा रहा है। इससे रेलवे की सुरक्षा बहुत ही असफल हो रही है, क्योंकि जो आदमी काबिल नहीं है, जो प्रशिक्षित नहीं है, यदि उसको रेल सुरक्षा के काम में लगा देंगे तो इससे रेलवे की सुरक्षा खतरे में होगी, उससे नुकसान हो सकता है। रेलवे में कोई भी आदमी जब भर्ती होता है तो उसकी टे्रनिंग करवाई जाती है। उसे का

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