महान ग़दर की 164वीं वर्षगांठ के अवसर पर:

हिन्दोस्तान का मालिक बनने के लिए आम लोगों का संघर्ष जारी है

10 मई, 1857 को मेरठ छावनी में ब्रिटिश भारतीय सेना के सैनिकों ने विद्रोह किया और दिल्ली पर कब्ज़ा करने के लिए मार्च किया। यह पूरे उपमहाद्वीप में अंग्रेजों के शासन के ख़िलाफ़ विद्रोह का संकेत था।

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बिजली वितरण के निजीकरण का विरोध करें!

कामगार एकता कमेटी द्वारा आयोजित “निजीकरण के ख़िलाफ़ एकजुट हों!” श्रृंखला की 11वीं सभा

25 अप्रैल 2021 को बिजली वितरण के निजीकरण का विरोध करने के लिए कामगार एकता कमेटी ने एक आम सभा का आयोजन किया। “निजीकरण के खिलाफ़ एकजुट हों” के शीर्षक के तले होने वाली यह 11वीं सभा थी। इससे पहले आयोजित सभाएं, रेलवे, बँक, बीमा, कोयला, तेल उद्योग, बंदरगाह तथा शिक्षा क्षेत्रों के निजीकरण के बारे में थीं। निजीकरण के खिलाफ सार्वजनिक क्षेत्र के विविध यूनियनों तथा फेडरेशनों को एक संयुक्त संघर्ष में एक साथ लाना, इन सभाओं को आयोजित करने का उद्देश्य है।

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बिजली वितरण का निजीकरण मज़दूर विरोधी और समाज विरोधी है !

कामगार एकता कमेटी (के.ई.सी.) द्वारा प्रस्तुति के कुछ मुख्य अंश

1991 तक बिजली बिजली क्षेत्र प्राथमिक रूप से बड़ी पूंजी निवेश की आवश्यकता के कारण सार्वजनिक क्षेत्र में था। निजीकरण और उदारीकरण के माध्यम से भूमंडलीकरण के कार्यक्रम के शुरुवात के साथ, बिजली उत्पादन को निजी क्षेत्र के लिए खोल दिया गया था।

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Demonstration by Palestinian in West Bank

फिलस्तीनी लोगों पर वहशी इस्राइली हमले की कड़ी निंदा करें! फिलस्तीनी लोगों के अपने राष्ट्रीय अधिकारों के लिए बहादुर संघर्ष की हिफाज़त करें!

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी गाज़ा, यरूशलेम, वेस्ट बैंक और इस्राइल के अन्दर फिलस्तीनी लोगों पर इस्राइल के इन हमलों की कड़ी निंदा करती है। फिलस्तीनी लोगों की मातृभूमि पर इस्राइल द्वारा अवैध कब्ज़ा, फिलस्तीनी लोगों को अपनी ही ज़मीन से बेरहमी से बेदख़ल कर देना, अमरीकी साम्राज्यवाद के पूरे समर्थन के साथ इस्राइल द्वारा फिलस्तीनी लोगों पर बर्बर आतंक की मुहिम – इसका दुनिया के सभी शांति-पसंद लोगों को सख्त विरोध करना होगा।

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हमारे पाठकों से : वैक्सीन उत्पादन पर इजारेदारी अधिकारों का विरोध किया जाना चाहिए!

मैं यह पत्र 13 मई, 2021 को हमारी वेबसाइट पर प्रकाशित “वैक्सीन उत्पादन पर इजारेदारी अधिकारों का विरोध किया जाना चाहिए!” शीर्षक वाले लेख के सन्दर्भ में लिख रही हूं। लेख बहुत ही सही समय पर लिखा गया है और बड़ी फार्मा कंपनियों की घिनौनी हरकतों को, जिनका उपयोग वे हमेशा से अपने फायदे के लिए करते आए हैं और इस बार फिर कर रहे हैं, उनको सामने लाता है।

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हिन्दोस्तान ग़दर पार्टी की विरासत का सम्मान करने का अर्थ है एक ऐसे नए हिन्दोस्तान के लिए अथक परिश्रम करना जिसमें मेहनतकश लोग खुद अपनी किस्मत के मालिक होंगे

21 अप्रैल को, हम हिन्दोस्तान ग़दर पार्टी की 108वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। उत्तरी अमरीका में रहने वाले हिन्दोस्तानी मेहनतकश लोगों ने, औपनिवेशिक शासन से हिन्दोस्तान की मुक्ति और एक ऐसे नये हिन्दोस्तान को बनाने के लिए, जिसमें हमारे लोगों के श्रम और संसाधनों का शोषण नहीं होगा, के लिए इसका गठन किया था।

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उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव में ड्यूटी करने वाले सैकड़ों शिक्षकों की मौत

प्रत्येक दिन उत्तर प्रदेश में शिक्षकों की मौतों की रिपोर्टें आ रही हैं। ये सरकारी स्कूलों के शिक्षक थे जिन्हें राज्य में पंचायत चुनाव के लिए चुनाव में ड्यूटी करने के लिए नियुक्त किया गया था। रिपोर्टों के मुताबिक जिन शिक्षकों को चुनाव में डयूटी सौंपी गई थी, उनमें से 5 मई तक, 1000 से ज्यादा शिक्षकों की कोविड-19 से

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हमारे पाठकों से: भारत की टीकाकरण नीति – स्वास्थ्य सेवा के निजीकरण की दिशा में बढ़ता एक और कदम

“कोविड टीकाकरण का निजीकरण जनविरोधी है” लेख में सही बयान किया गया है कि भारत की नई वैक्सीन नीति लोगों के कल्याण के लिए नहीं बल्कि निजी वैक्सीन उत्पादकों और निजी अस्पतालों के लाभ के लिए बनाई गई है।

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भारतीय रेलवे का निजीकरण – भाग 3: भारतीय रेलवे का चरणबद्ध निजीकरण

भारतीय रेलवे, देश की अर्थव्यवस्था में, एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है। इसके निर्माण में मजदूरों और उनके परिवारों की कई पीढ़ियों ने योगदान दिया है। हिन्दोस्तानी सरकार द्वारा, देश के इस प्रमुख संस्थान को एक सुनियोजित तरीके से तोड़ा जा रहा है और लोगो से छिपाकर, उसका निजीकरण किया जा रहा है।

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