मुंबई में इज़रायल के जनसंहारक युद्ध की निंदा की गयी

सभा में फ़िलिस्तीनी लोगों को एक सदी से भी अधिक समय से उनकी मातृभूमि से वंचित करने में बरतानवी-अमरीकी साम्राज्यवाद की अपराधी भूमिका पर प्रकाश डाला गया।

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महिला आरक्षण अधिनियम 2023 :
शक्ति का भ्रम

महिलाओं और मेहनतकश लोगों को अपने हाथों में राजनीतिक सत्ता लेने की ज़रूरत है, ताकि वे देश का एजेंडा निर्धारित कर सकें, अपने जीवन पर असर डालने वाले महत्वपूर्ण फै़सले ले सकें और अपने जीवन की हालतों को बदल सकें।

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Philistin meeting_7 November_1


जनसभा में फ़िलिस्तीनी लोगों के ख़िलाफ़ इज़रायल द्वारा छेड़े गए जनसंहारक युद्ध की निंदा

7 नवंबर को फ़िलिस्तीनी लोगों के ख़िलाफ़ इज़रायल द्वारा जारी जनसंहारक युद्ध की निंदा करने के लिए दिल्ली में एक जनसभा आयोजित की गई थी।

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आवासीय इमारतों, अस्पतालों और शरणार्थी शिविरों पर बमबारी आत्मरक्षा नहीं बल्कि जनसंहार और युद्ध अपराध है

इंडियन वर्कर्स एसोसिएशन (ग्रेट-ब्रिटेन) का बयान, 11 नवंबर, 2023

7 अक्तूबर से लेकर अब पांच हफ़्ते हो गए हैं, जबसे इज़रायली क़ब्जे़ वाली सेना गाज़ा में नागरिक आवासों, अस्पतालों और यहां तक कि शरणार्थी शिविरों पर भी लगातार बमबारी कर रही है। उत्तरी गाज़ा से दक्षिण की ओर जाने वाले सड़कों पर भी लोगों को बख्शा नहीं जा रहा है।

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महिला निर्माण मज़दूरों का मांगपत्र

महिला निर्माण मज़दूरों ने अपनी मांगों का एक राष्ट्रीय चार्टर पेश किया है। इसमें न्यूनतम मासिक वेतन 26,000 रुपये और समान काम के लिए समान वेतन की मांग की गई है।

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Ghadari_mela_Jalandhar_November_2023


जलंधर में साम्राज्यवाद विरोधी संघर्ष को समर्पित 32वां ग़दरी मेला सफलापूर्वक संपन्न हुआ

30 अक्तूबर से 1 नवम्बर तक पंजाब के जलंधर शहर में, देश भगत यादगार हॉल में, देश भगत यादगार कमेटी ने 32वां ग़दरी मेला का आयोजन किया। मेला ग़दरी बाबाओं की साम्राज्यवाद विरोधी परंपरा को आगे ले जाते हुये, लोगों के स्राम्राज्यवाद विरोधी संघर्ष को समर्पित था। फ़िलिस्तीन के लोगों के संघर्ष को कुचलने के लिये इज़रायल द्वारा उनका जनसंहार किया जा रहा है। मणिपुर के लोग राज्य द्वारा आयोजित आतंक के शिकार हुये हैं। इन विषयों पर मेले में सभायें हुईं।

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Workers at the Integral Coach Factory


इंटीग्रल कोच फैक्ट्री के मज़दूर कोच उत्पादन के निजीकरण का विरोध कर रहे हैं

चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आई.सी.एफ.) के मज़दूर अक्तूबर के अंत से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वे 200 वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस ट्रेनों के निर्माण के लिए दो बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ भारतीय रेल द्वारा किए गए समझौते का विरोध कर रहे हैं। अपने राजनीतिक संबंधों को एक तरफ़ करते हुये, सभी ट्रेड यूनियनें निजीकरण के समझौते का विरोध करने के लिए एक साथ आई हैं, जिसमें भाजपा की भारतीय मजदूर संघ (बी.एम.एस.) भी शामिल है।

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मज़दूरों और किसानों के लिए आगे का रास्ता

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति का आह्वान, 12 नवंबर, 2023

मज़दूरों और किसानों को देश का हुक्मरान बनना होगा और अर्थव्यवस्था को एक नयी दिशा दिलानी होगी ताकि सबके लिए सुरक्षित रोज़गार और खुशहाली सुनिश्चित की जा सके। हमें यह सुनिश्चित करने की ज़रूरत है कि, बिना किसी अपवाद के, समाज के सभी सदस्यों के लोकतांत्रिक अधिकारों और मानव अधिकारों की सुरक्षा की जाये।

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कॉमरेड एस.के. कुलश्रेष्ठ के निधन पर शोक

कॉमरेड एस.के. कुलश्रेष्ठ का, लगभग एक साल तक जानलेवा बीमारी से जूझने के बाद, 5 नवंबर को निधन हो गया। उनका जन्म 21 अक्तूबर, 1941 को नरहपुर गांव, अलीगढ़, यूपी में हुआ था। स्नातक स्तर की पढ़ाई के बाद, वे 1963 में भारतीय रेल में शामिल हो गए। वे एक स्टेशन मास्टर बन गए और ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन

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26 Novmber TU Mrrting in Delhi


मज़दूरों-किसानों की सांझी मागों को हासिल करने के लिये दिल्ली में अधिवेशन

26 नवंबर को दिल्ली की सीमाओं पर किसानों द्वारा किये गये विरोध प्रदर्शन की तीसरी वर्षगांठ है। इस अवसर पर देश के विभिन्न मज़दूर और किसान संगठन अपनी सांझी मांगों को हासिल करने के लिये देशभर में तीन दिन का महापड़ाव आयोजित करेंगे। इसकी तैयारी के लिये अलग-अलग राज्यों में मज़दूरों और किसानों के संगठनों के राज्य स्तरीय अधिवेशन आयोजित किये जा रहे हैं।

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