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दिल्ली राज्य के मज़दूरों के सम्मेलन ने 25 नवंबर, 2021 को हड़ताल का आह्वान किया :
अपनी आजीविका और अधिकारों पर बढ़ते हमलों के ख़िलाफ़ संघर्ष में एकजुट हों!

हम यहां मज़दूर एकता कमेटी से प्राप्त ट्रेड यूनियन समन्वय समिति द्वारा आयोजित अधिवेशन की रिपोर्ट प्रकाशित कर रहे हैं।

दिल्ली की ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच ने 30 सितंबर को नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण सम्मेलन आयोजित किया था। सम्मेलन ने दिल्ली के मज़दूरों, विशेष रूप से अनौपचारिक और असंगठित क्षेत्र के मज़दूरों की गंभीर स्थिति का आकलन किया। सम्मलेन में हमारी आजीविका और अधिकारों पर बढ़ते हमलों के ख़िलाफ़ एकजुट संघर्ष का आह्वान किया गया।

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एयर इंडिया का निजीकरण :
इजारेदार पूंजीपतियों के अधिकतम मुनाफे़ कमाने की लालच को पूरा करने के लिए मज़दूर-विरोधी और जन-विरोधी क़दम

एयर इंडिया और इसकी सहायक इकाई ए.आई. एक्सप्रेस, जिसके पास 94 विमान हैं और जो 100 से अधिक घरेलू उड़ानों और 60 अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों को संचालन करती है, इन्हें टाटा समूह को बेच दिया गया है।

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बढ़ती बेरोज़गारी और महंगाई के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन

मेहनतकश लोगों की आजीविका और अधिकारों पर चैतरफा और बढ़ते हमलों के ख़िलाफ़ कम्युनिस्ट और वामपंथी दलों ने 30 सितंबर को दिल्ली में जंतर मंतर पर एक विरोध मार्च का आयोजन किया था।

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रेल चालकों का 10वां अधिवेशन सफलता पूर्वक संपन्न हुआ!

4 अक्तूबर, 2021 को दिल्ली में आल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसियेशन (ए.आई.एल.आर.एस.ए.) के दिल्ली डिविजन का 10वां अधिवेशन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। लखनऊ मंडल से मुख्य अतिथि, श्री संतोष सिंह हांडा शामिल हुए। अधिवेशन की अध्यक्षता कामरेड रामशरण ने की और मंच संचालन कामरेड सूरज कौशिक ने किया।

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अमरीकी रणनीति में क्वाड की भूमिका

अमरीका, जापान, हिन्दोस्तान और ऑस्ट्रेलिया के शासनाध्यक्षों ने 24 सितंबर को अमरीका में मुलाक़ात की। यह इन चार देशों की सरकारों के प्रमुखों की पहली बैठक थी, जिसमें वे सब स्वयं एक साथ उपस्थित थे, इस गठबंधन को क्वाड (चतुर्भुज सुरक्षा संवाद) के नाम से जाना जाता है। इस साल की शुरुआत में इन सरकारों के प्रमुखों ने मार्च में एक ऑनलाइन बैठक भी की थी।

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डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की जायज मांगें

महाराष्ट्र के रेजिडेंट डॉक्टरों ने 1 अक्टूबर से राज्य भर में अनिश्चितकालीन हड़ताल का आह्वान किया था। महाराष्ट्र स्टेट एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (मार्ड) ने घोषणा की थी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, हड़ताल जारी रहेगी।
5 अक्टूबर को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री द्वारा उनकी मांगों को स्वीकार करने के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों ने हड़ताल को रोक दिया।

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किसान आंदोलन – वर्तमान स्थिति और आगे का रास्ता

मज़दूर एकता कमेटी द्वारा आयोजित दूसरी बैठक

26 सितंबर को दिल्ली की सीमाओं पर किसानों के लगातार विरोध प्रदर्शन को 10 महीने पूरे हुए। 28 सितंबर को मज़दूर एकता कमेटी (एमईसी) ने ‘‘किसान आंदोलनः वर्तमान स्थिति और आगे का रास्ता’’ विषय पर दूसरी ऑनलाइन बैठक आयोजित की।

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उत्तर प्रदेश और हरियाणा में किसानों पर हो रहे खूंखार हमले की कड़ी निंदा करें

3 अक्टूबर को, उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में चार किसानों सहित आठ लोगों की मौत हो गई थी, जब राज्य के उपमुख्यमंत्री के एक काफिले ने, यहां पर उनके दौरे का विरोध कर रहे किसानों को जानबूझकर टक्कर मारी।

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इजारेदार पूंजीपतियों की सेवा में कोयला सम्पन्न क्षेत्र (अधिग्रहण और विकास) संशोधन विधेयक 2021

कोयला सम्पन्न क्षेत्र (अधिग्रहण और विकास) अधिनियम 1957 में 2021 का संशोधन निजी मुनाफ़ा बनाने के लिए भूमि अधिग्रहण करने को सुगम बनाने का हिन्दोस्तानी राज्य का एक स्पष्ट कदम है। हिन्दोस्तान में बड़े इजारेदार पूंजीपति चाहते हैं कि हिन्दोस्तानी राज्य न्यूनतम संभव दर पर भूमि अधिग्रहण की सुविधा प्रदान करे, और इसके उपयोग पर किसी भी प्रतिबंध के बिना इसका स्वतंत्र रूप से इसका इस्तेमाल करने का अधिकार हो।

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भारत बंद, 27 सितंबर 2021 :
किसान-विरोधी क़ानूनों के ख़िलाफ़, निजीकरण और बढ़ती महंगाई के ख़िलाफ़, देशभर में विरोध प्रदर्शन

27 सितंबर को भारत बंद के अवसर पर, देशभर में मज़दूर, किसान, महिला और नौजवान भारी संख्या में सड़कों पर उतर आए। उन्होंने तीनों किसान-विरोधी क़ानूनों के ख़िलाफ़, पेट्रोल-डीजल और सभी ज़रूरी वस्तुओं की बढ़ती महंगाई के ख़िलाफ़, बढ़ती बेरोज़गारी और रोज़गार की असुरक्षा के ख़िलाफ़, मज़दूरों के कठोर संघर्ष द्वारा जीते गए अधिकारों पर हमलों के ख़िलाफ़, अत्यावश्यक सार्वजनिक संसाधनों और सेवाओं के निजीकरण के ख़िलाफ़, आवाज़ उठाई।

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