500 से ज्यादा लोगो ने दिया लोक एकता का नारा

17 अप्रैल की शाम, सैकड़ो लोगों ने लोक राज संगठन की आम सभा मे नारा लगाया "मौजूदा राशन प्रणाली का संपूर्ण नवीकरण करो", "सर्वसमावेशक राशन व्यवस्था शुरू करो", "राशन के मुद्देपर आम लोगों को आपस में मत लड़ाओ"I

17 अप्रैल की शाम, सैकड़ो लोगों ने लोक राज संगठन की आम सभा मे नारा लगाया "मौजूदा राशन प्रणाली का संपूर्ण नवीकरण करो", "सर्वसमावेशक राशन व्यवस्था शुरू करो", "राशन के मुद्देपर आम लोगों को आपस में मत लड़ाओ"I

3 घंटे से भीज्यादा देर तक चली यह सभा का आयोजन लोक राज संगठन की पडघा समिती ने किया.

मजदूर एकता के पाठकोंको याद होगा की पडघा एक छोटा सा शहर है, जो ठाणे से लगभग 40 कि.मी. दुरी पर है.लोक राज संगठन की स्थानिक समितिकी अगुवाई में वहांके लोग राशन तथा अन्य मांगों के लिए सफल संघर्ष लगातार कर रहे है. 17 अप्रैल की सभाभी उसी संघर्षका एक कदम था.

महिला दिवस मनानेके साथ साथ अपनी एकता मजबूत रखनेका तथा राशन एवं दूसरी मांगों के लिए लड़नेका निर्धार लोगोने प्रकट किया.सभामें बहुत बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थी. पडघा के इर्द गिर्द से पाँच-पाँच कि.मी. पैदल चलकर जुहुपाडा, अत्कौली, भादाने, लाप, फुन्दास, चावा, कुरुन्द आदि करीब दस गाँव से महिला तथा पुरुष सभा में शामिल हुए.

सभा में स्थानिक बच्चो ने बहुत आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किया.शिक्षा का महत्व, बुरी आदतों से छुटकारा, आदि सामाजिक विषयों पर ज्यादातर कार्यक्रम थे.स्थानिक महिलाओ के एक ग्रुपने महिला मुक्ति के गीत पेश किये.

पुरोगामी महिला संगठन के वक्ताने बताया कि महिला मुक्ति संघर्ष , यह शोषण मुक्ति संघर्ष का एक हिस्सा है.महिला के लिए संसद में आरक्षण करने से महिला मुक्ति नहीं हो सकती.

ग़दर पार्टी की वक्ता ने बताया की किस तरह मजदुर किसान का राज कायम करके समाजवाद प्रस्थापित करने से ही असली मायने में महिला मुक्ति कायम हो सकती है.अक्तूबर क्रांति के बाद सोवियत रशिया में उस दिशा में जो कदम उठाये गए वह वक्ता ने समझाए.

लोक राज संगठन की प्रस्तुति में यह स्पष्ट किया गया की मौजूदा राशन व्यवस्था में कुछ लोगों को बदलने से , या दूसरी मामूली तब्दीलिया करने से, आम लोगों की अन्न सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती. उसके लिए आवश्यक है पूरी व्यवस्था का नवीकरण.एक नयी व्यवस्था का निर्माण जिसमे सभी लोगों को मुनासिब दर से सभी जीवनावश्यक वस्तुए देने की पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी और जिसका पूरा नियंत्रण आम लोगों के हाथों मे होगा.इस तरह की व्यवस्था कायम करने के लिए आम लोगोंके हाथों मे सत्ता आवश्यक है यह प्रस्तुति मे स्पष्ट किया गया.केरोसिन के बदले मे पैसे देनेकी सरकारी योजना का असली उद्देश धीरे धीरे राशन व्यवस्था खत्म करना यही है और इस तरह का कदम आम लोगों के हित में नहीं है यह स्पष्ट किया गया.

लोक राज संगठन की पडघा समिति के नेताने राशन के लिए जारी संघर्ष को विस्तृति से सभी को समझाया. इस लम्बे संघर्ष में कई जीत हासिल हुई है, वह एकता तथा सुझबुझ से किये संघर्ष का नतीजा है ऐसा उन्होंने समझाया.स्थानिक समितिकी महिला सभासद ने अपने भाषण में बताया की लोक राज संगठन में सक्रीय होने से उनका आत्मविश्वास बहुत बढा है और अब वे किसी भी सरकारी अधिकारी या बड़े नेता से टक्कर ले सकती है.सभी को सभासद बनने का आवाहन उन्होंने किया.मुंबई से आई सदस्याने बताया की वे सब भी राशन के मसले पर सफल संघर्ष कर रहे है. ठाणे , उल्हासनगर, नवी मुंबई आदि जगह से कई सदस्यो ने सभा मे हिस्सा लिया.

50 भी ज्यादा लोग इस सभामे सभासद बन गए.लोक राज जिंदाबाद तथा लोक एकता जिंदाबाद के नारोंके साथ शाम 6 बजे शुरू हुई यह सभा रात 9.30 बजे ख़त्म हुई.

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