पत्रकारों पर हमले की निंदा करें!

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय कमेटी का बयान, 6 अक्टूबर, 2023

3 अक्टूबर की सुबह, दिल्ली पुलिस ने समाचार पोर्टल न्यूज़क्लिक के कार्यालय और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली व देश के अन्य शहरों में लगभग पचास महिलाओं और पुरुषों के घरों पर छापा मारा। जिन लोगों को निशाना बनाया गया, वे पत्रकार, सांस्कृतिक कार्यकर्ता और अन्य ऐसे लोग थे जिन्होंने अपने जीवन में किसी समय इस मीडिया हाउस के साथ काम किया है। उनके लैपटॉप और मोबाइल जब्त कर लिए गए। पुरुषों को पूछताछ के लिए दिल्ली पुलिस की लोधी रोड स्पेशल सेल में ले जाया गया और देर शाम तक वहीं हिरासत में रखा गया, जबकि महिलाओं से उनके अपने-अपने आवासों पर पूछताछ की गई। जिस एफ.आई.आर. के तहत ये छापे मारे गए हैं, उसमें कठोर यू.ए.पी.ए. क़ानून के कई प्रावधान शामिल हैं, जो क़ानून आतंकवाद से निपटने के लिए माना जाता है। समाचार पोर्टल न्यूज़क्लिक के संस्थापक और मुख्य संपादक प्रबीर पुरकायस्थ और न्यूज़क्लिक के मानव संसाधन विभाग के प्रभारी अमित चक्रवर्ती को गिरफ़्तार करके पुलिस हिरासत में रखा गया है।

ये घटनाएं पत्रकारों पर तथा मीडिया में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर एक खुला हमला है। सभी संकेत यह बताते हैं कि इस समाचार पोर्टल और इन पत्रकारों को निशाना इसलिए बनाया गया है क्योंकि उन्होंने मज़दूरों, किसानों, महिलाओं, नौजवानों और व्यापक जनता की समस्याएं और चिंता की बातें उठाई हैं, और सरकार व उसके आधिकारिक विवरण को बेनक़ाब करने की ज़ुर्रत की है।

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी इन छापों और गिरफ़्तारियों की निंदा करती है और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर ज़बरदस्त हमला मानती है। कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी कठोर यू.ए.पी.ए. के प्रयोग की निंदा करती है। यू.ए.पी.ए. क़ानून सिर्फ़ यह सुनिश्चित करने के लिए लागू किया गया है कि गिरफ़्तार किए गए लोगों को जमानत की संभावना के बिना, अनिश्चित काल तक जेल में बंद रखा जा सके। पत्रकारों के ख़िलाफ़ छापेमारी, गिरफ़्तारी और यू.ए.पी.ए. के इस्तेमाल का उद्देश्य उन सभी की आवाज़ को दबाना है, जो सत्ता से असहमति जताने की हिम्मत करते हैं।

ज़मीर का अधिकार एक मानवाधिकार है जिसका हमारे देश के लोगों ने हमेशा अनुमोदन किया है और इसकी हिफ़ाज़त की है, यह मानते हुए कि कोई भी प्राधिकारी किसी भी बहाने से इसका उल्लंघन नहीं कर सकता है। कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी हमारे देश के सभी लोगों से आह्वान करती है कि वे ज़मीर के अधिकार पर केंद्र सरकार के इस खुलेआम हमले का  एकजुट होकर विरोध करें।

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