इंडिगो एयरलाइंस के कर्मचारियों का अपनी मांगों के लिए संघर्ष

इंडिगो एयरलाइंस के कर्मचारियों के सभी तबकों – फ्लाइट क्रू, तकनीशियन और अन्य ग्राउंड स्टाफ़ – ने अपने अधिकारों का दावा करने के लिए संघर्ष का रास्ता अपनाया है।

Indigo-Airlines-employees-on_flash_strike_Varanasi
इंडिगो एयरलाइंस के कर्मचारियों की हड्ताल (फाइल फोटो)

8-9 जुलाई को हैदराबाद और दिल्ली एयरपोर्ट पर तैनात इंडिगो के तकनीशियन ड्यूटी पर नहीं आए। उन्होंने बीमार होने की सूचना दी।

इंडिगो के तकनीशियन और विमान-रखरखाव इंजीनियर वेतन में वृद्धि के साथ-साथ बेहतर काम करने की स्थिति की मांग कर रहे हैं। वर्तमान में, उन्हें लंबे समय तक काम करने के लिए मजबूर किया जाता है। इंडिगो प्रबंधन ने उनकी मांगों को अनसुना कर दिया है। इसलिए, इंजीनियरों और तकनीशियनों को संघर्ष का रास्ता अपनाने पर मजबूर होना पड़ा है।

इससे पहले, 2 जुलाई को पूरे देश में इंडिगो के केबिन क्रू ने बीमारी का बहाना देकर सामूहिक अवकाश लिया था। सैकड़ों उड़ानें देर से चलीं, कई उड़ानों को रद्द करना पड़ा। पायलटों सहित केबिन क्रू, कोविड महामारी के कारण हवाई यात्रा में संकट के नाम पर, प्रबंधन द्वारा उन पर लगाए गए वेतन में बार-बार कटौती को लेकर, आंदोलनरत हैं। उन्होंने बताया है कि महामारी ख़त्म होने के बावजूद, वेतन में कटौती बनी हुई है, हालांकि अब हवाई यातायात महामारी के पूर्व के समय के बराबर हो गया है। जाना जाता है कि 2 जुलाई के आंदोलन के बाद, इंडिगो प्रबंधन पायलटों और अन्य केबिन क्रू के वेतन में बढ़ोतरी पर सहमत हो गया है।

भारत और पूरी दुनिया में, एयरलाइनों के मालिकों ने महामारी के कारण उत्पन्न संकट का बोझ एयरलाइनों के कर्मचारियों पर लाद दिया है। कई एयरलाइन कर्मचारियों की नौकरियां चली गयीं हैं । बचे हुए कर्मचारियों को भारी वेतन कटौती और कार्यभार में भारी वृद्धि का सामना करना पड़ा है। दुनिया भर में, विमान कर्मचारी इन हमलों का विरोध करते हुए संघर्ष कर रहे हैं।

इंडिगो के कर्मचारियों का संघर्ष पूरी तरह से जायज़ है।

Share and Enjoy !

Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published.