तमिलनाडु में सफ़ाईकर्मी अपने बकाये वेतन के भुगतान के लिए संघर्ष कर रहे हैं

तमिलनाडु के सेलम शहर में, सफ़ाई कर्मियों (हाथ से मैला ढोने वालों) ने 14 जुलाई को नगर निगम कार्यालय पर धरना दिया और निगम द्वारा उनके बकाया वेतन का भुगतान करने की मांग की।

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विरोध प्रदर्शनों में शामिल मज़दूरों ने इस हक़ीक़त को पेश किया कि सफ़ाई-कर्मियों द्वारा कोविड-19 महामारी के दौरान अपनी जान जोख़िम में डालकर लगातार काम करने केे बावजूद, नगरपालिका अधिकारियों ने मज़दूरों को उनके वेतन का भुगतान नहीं किया है। उन्होंने बताया कि सभी 60 वार्डों में, स्थायी और अस्थायी दोनों तरह के मज़दूरों को मिलाकर, 5,000 से अधिक सफ़ाई कर्मचारी कार्यरत हैं। उन्हें मासिक वेतन दिया जाना चाहिए। लेकिन पिछले तीन महीने से, 2,500 से अधिक स्थायी कर्मचारियों को उनके वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। उनकी मांग है कि नगर निगम जल्द से जल्द उनके बकाया वेतन का भुगतान करे। उन्होंने अधिकारियों से शिकायत की है कि वेतन नहीं मिलने के कारण वे न तो अपने मकान का किराया दे पा रहे हैं और न ही उनके पास अपनी बुनियादी जरूरतें पूरी करने के लिए पर्याप्त साधन हैं। प्रदर्शन कर रहे मज़दूरों ने यह भी शिकायत की कि हालांकि उनके वेतन से, भविष्य निधि खाते में जमा करने के लिए, नियमित रूप से कटौती की गई थी, लेकिन उनके पी.एफ. खातों में यह राशि जमा नहीं की गई है। उन्होंने अधिकारियों पर मज़दूरों की कड़ी मेहनत की कमाई के साथ धोखाधड़ी करने का भी आरोप लगाया है।

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