6 महीने से चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में रामगढ़ में प्रदर्शन

26 मई को अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति की अगुवाई में, तीनों कृषि-विरोधी कानून व बिजली बिल वापस लेने और एम.एस.पी. लागू करने की मांग को लेकर, दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन के 6 माह पूरे हुए। इस अवसर पर राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के उप तहसील रामगढ़ में लोक राज संगठन के झंडे तले, काला दिवस मनाया गया। रामगढ़ निवासियों ने अपने घरों पर काले झंडे लगाकर विरोध प्रकट किया।

एक विरोध सभा आयोजित की गयी, जिसमें लोक राज संगठन के सर्व हिंद उपाध्यक्ष हनुमान प्रसाद शर्मा, डॉक्टर कृष्ण नोखवाल, मनीराम लकेसर, कन्हैया लाल जैन, सुरेश पचार और अन्य कार्यकर्ताओं ने अपने विचार रखे।

वक्ताओं ने बताया कि इस 6 महीने की अवधि में चार सौ किसान शहीद हो चुके हैं सरकार ने 11 दौर की वार्ताएं कीं परंतु कोई नतीजा नहीं निकला। सरकार किसान आंदोलन को विफल करने के लिए तरह-तरह से भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है। हुक्मरानों की ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति के आधार पर किसानों को “अराजकतावादी”, “नक्सलवादी”, “माओवादी”, आदि करार दिया गया है। छोटे और बड़े किसानों के बीच में बंटवारा करने की कोशिश की जा रही है। यह झूठा प्रचार किया जा रहा है कि यह आन्दोलन सिर्फ हरियाणा और पंजाब तक सीमित है, कि यह आंदोलन केवल सिखों का आंदोलन है या हरियाणा के जाटों का आंदोलन है। किसान आंदोलन को कोरोना वायरस के फैलने की वजह बताया गया है। इस तरह किसान आन्दोलन के बारे में झूठा प्रचार करके, लोगों को भ्रमित करने की कोशिश की गई है। परंतु किसानों की अटूट एकता बरकरार रही है। आन्दोलन के समर्थन में वक्ताओं ने कहा कि जब तक कृषि कानून वापस नहीं होंगे, बिजली संशोधित कानून वापस नहीं लिया जाएगा और समर्थन मूल्य पर कानून नहीं बनाए जाएंगे, तब तक दिल्ली से लेकर ग्राम स्तर तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा।

Share and Enjoy !

0Shares
0

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *