11 सितम्बर के आतंकवादी हमलों के बीस साल बाद :
राजकीय आतंकवाद, कब्ज़ाकारी जंग और राष्ट्रीय संप्रभुता के हनन को जायज़ ठहराने के लिए, आतकंवाद साम्राज्यवाद का एक हथकंडा है

11 सितम्बर, 2001 को न्यू यॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की दो इमारतों पर दो विमान टकराए थे। एक और विमान वाशिंगटन के पेंटागन से टकराया था। उन आतंकवादी हमलों में लगभाग 3000 लोग मारे गए थे।

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अफ़ग़ानिस्तान के लोगों के ख़िलाफ़ अमरीकी साम्राज्यवाद के वहशी अपराध कभी भुलाये नहीं जा सकते!

अफ़ग़ानिस्तान के लोगों को खुद अपना भविष्य तय करने का पूरा अधिकार है!

15 अगस्त, 2021 को तालिबान की सेना ने काबुल में प्रवेश किया और राष्ट्रपति के महल पर कब्ज़ा कर लिया। राष्ट्रपति अशरफ़ गनी कुछ ही घंटों पहले, अमरीकी मदद के साथ, भाग चुके थे। अमरीकी पैसों पर पली और अमरीका से प्रशिक्षण प्राप्त, तीन लाख सिपाहियों वाली अफगानी सेना बिना लड़े ही अस्त-व्यस्त हो गयी। इन घटनाओं के साथ, काबुल में अमरीका द्वारा समर्थित कठपुतली सरकार का अंत हुआ। इसके साथ-साथ, अफ़ग़ानिस्तान में लगभग 20 साल लम्बा अमरीकी दख़ल भी ख़त्म हुआ।

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