दिल्ली के महिला संगठनों ने मिलकर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया

सैकड़ों महिलाएं, पुरुष और नौजवान 8 मार्च, 2021 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने के लिए नयी दिल्ली के जंतर-मंतर पर एकत्रित हुए।
मंच को एक बहुत ही उत्साहकारी बैनर के साथ सजाया गया था, जिस पर दिल्ली की सीमाओं पर संघर्ष कर रही लाखों-लाखों किसान बहनों की तस्वीर बनी हुयी थी। “किसान-मज़दूर-महिला, 8 मार्च, साथ मार्च!”, यह नारा बैनर पर लिखा हुआ था।

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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2021 महिला किसानों के बीच मनाया गया

8 मार्च, 2021 को दिल्ली की सीमाओं पर और देशभर में, खेती के तीन नए कानूनों के खि़लाफ़, चल रहे किसान आंदोलन के बीच में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। किसानों के संघर्ष को अगुवाई दे रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने इसका आह्वान किया था।

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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2021 : महिलाओं का संघर्ष, शोषण-मुक्त समाज की ओर!

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2021 के अवसर पर नयी दिल्ली में एक जोशपूर्ण सभा आयोजित की। इसमें महिलाओं और नौजवानों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। “महिलाओं का संघर्ष, शोषण-मुक्त समाज की ओर!” – इस शीर्षक के तहत सभा की गयी।

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मार्च 7 को अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिन मनाया गया

हिन्दोस्तान के इतिहास में इस साल का अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिन बहुत विशेष है। पिछले पूरे साल और उसके पहले से ही हिन्दोस्तानी महिलाएं अपने हकों के लिए बहुत जबरदस्त तरीके से रास्तों पर उतरी हैं।

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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को दसों-हजारों महिलाओं ने दिल्ली की सीमाओं पर मनाया

दुनियाभर में हुई अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की सभाओं में, दिल्ली की सीमाओं पर हुई सभाएं सबसे विशाल हैं जहां 100 से भी अधिक दिनों से किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

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सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण से संबंधित बजट प्रस्तावों के विरोध में कामगार एकता कमेटी ने मीटिंग आयोजित की

सार्वजनिक क्षेत्र को बेचने के लिए पेश किये केंद्र सरकार के बजट प्रस्तावों का विरोध करने के लिये 14 फरवरी, 2021 को कामगार एकता कमेटी (केईसी) ने एक जनसभा आयोजित की। पूंजीपतियों द्वारा चलाये जा रहे निजीकरण के कार्यक्रम के खि़लाफ़ मज़दूर वर्ग की एकता गठित करने के प्रयास में कामगार एकता कमेटी की लगातार आयोजित की गयी मीटिंगों की श्रृंखला में यह 8वीं मीटिंग थी। मीटिंग में रेलवे, इन्श्योरेन्स, बैंक, कोयला, गोदी एवं बंदरगाह, पेट्रोलियम तथा इस्पात उद्योग के सर्व हिंद एवं राज्य स्तरीय नेतागणों तथा सौ से अधिक ट्रेड यूनियन कार्यकर्ता शामिल हुए।

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देश के नव-निर्माण के संघर्ष में महिलाएं आगे-आगे!

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति का बयान, 8 मार्च, 2021

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2021 पर, हिन्दोस्तानी समाज में बड़ा उफान है। सदियों से चल रही पूर्वधारणाओं और बेड़ियों को तोड़ती हुयी, दसों-हजारों महिलाएं सड़कों पर उतरकर, संसद में पास किये गए कानूनों और केंद्र सरकार की नीतियों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रही हैं।

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रेल मज़दूरों के कार्य की परिस्थिति: ऑल इंडिया ट्रेन कंट्रोलर्स एसोसिएशन के महासचिव के साथ साक्षात्कार

मज़दूर एकता लहर (म.ए.ल.) भारतीय रेल में लोको पायलट, गार्ड, स्टेशन मास्टर्स, रेलगाड़ी कंट्रोलर, सिग्नल व टेलीकॉम मेन्टेनन्स स्टाफ, ट्रैक मेन्टेनर्स, टिकट चेकिंग स्टाफ, आदि का प्रतिनिधित्व करने वाली श्रेणीबद्ध एसोसिएशनों के नेताओं के साथ साक्षात्कार करके, उनका प्रकाशन कर रहा है। इस श्रृंखला के चैथे भाग में, यहां पर हम ऑल इंडिया ट्रेन कंट्रोलर्स एसोसिएशन के महासचिव कामरेड डी. वरा प्रसाद (डी.वी.पी.) के साथ किये गए साक्षात्कार को प्रस्तुत कर रहे हैं।

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इजारेदार पूंजीपतियों की लालच को पूरा करने के लिए तेज़ी से बढ़ता निजीकरण

1 फरवरी को वित्त मंत्री द्वारा पेश किये गए बजट में निजीकरण को तेज़ करने का ऐलान किया गया। केंद्र सरकार सभी क्षेत्रों और विभागों का एक-एक करके निजीकरण कर रही थी, जैसा कि रेलवे के मामले में किया जा रहा था। अब सरकार ने अधिकांश सार्वजनिक उपक्रमों का तेज़ी से निजीकरण करने का ऐलान किया है।

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बजट के ख़िलाफ़ बढ़ता विरोध

1 फरवरी को वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट के ख़िलाफ़ देश में लोगों के बीच व्यापक गुस्सा और नफ़रत है। लाखों नौकरियों के खत्म होने के बाद, शहरों और ग्रामीण इलाकों में काम करने वाले परिवारों को उम्मीद थी कि बजट, बेरोज़गारी के ज्वलंत मुद्दे को संबोधित करेगा। पेट्रोल और रसोई गैस सहित विभिन्न वस्तुओं पर लगाई गयी कृषि-कर (सेस) भी, कामकाजी परिवारों के लिए एक बहुत भारी झटका है।

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