पूंजीवाद का संकट और हिन्दोस्तानी राज्य का खतरनाक रास्ता

पूंजीवाद का संकट और हिन्दोस्तानी राज्य का खतरनाक रास्ता

पूंजीवाद का संकट और हिन्दोस्तानी राज्य का खतरनाक रास्तापूंजीवाद का संकट और हिन्दोस्तानी राज्य का खतरनाक रास्ता यह दिखाता है कि कम्युनिस्टों द्वारा इंकलाब के लिये तैयारी करना बेहद जरूरी है!

”हिन्दोस्तानी राज्य और क्रांति“ पर, नवंबर 2002 में हुई कानफरेंस में हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी के महासचिव कामरेड लाल सिंह द्वारा दिया गया मुख्य भाषण

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क्रांति कहती सीना तान! (कविता)

हिन्दोस्तानी मजदूरों, महिलाओं और किसानों,
बेकारी से दबे हुए, नौजवानों कहना मानों

आज तुम्हारे सामने सबसे पवित्र काम,
देश में अपने मजदूर क्रांति को देना अंजाम।

पर कुछ मजदूरों का भ्रम है कि मालिकों की पूंजी उनकी है,
काफी है रोजी देते हैं, ए भी उनकी मरजी है।

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हम है इसके मालिक, हम है हिन्दोस्तान, मजदूर, किसान, औरत और जवान

हम है इसके मालिक, हम है हिन्दोस्तान, मजदूर, किसान, औरत और जवान

हम है इसके मालिक, हम है हिन्दोस्तान, मजदूर, किसान, औरत और जवानहिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की दूसरी कांग्रेस द्वारा अपनाया गया कार्यक्रम, अक्टूबर 1998

तात्कालिक कार्यक्रम

अर्थव्यवस्था के पुनर्गठन के लिए, लोगो को राजनितिक सत्ता दिलाने के लिए और हिन्दोस्तान के लोकतांत्रिक नवीकरण के लिए

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भाजपा सरकार और कांग्रेस की परंपरा

भाजपा कांग्रेस से किस बात में अलग है? वह कांग्रेस व संयुक्त मोर्चा की “मानव चेहरे के साथ उदारीकरण” की नीति की आलोचना करती है, परन्तु खुद “स्वदेशी चेहरे केसाथ निजीकरण व उदारीकरण” की हिमायत करती है। वह धर्मनिरपेक्षतावाद का मंत्र पढ़ते हुये धर्म के आधार पर लोगों को बांटने की कांग्रेस की झूठी धर्मनिरपेक्षता की परम्परा की आलोचना करती है। पर भाजपा हिन्दु राष्ट्रवाद का मंत्र पढ़ते हुये अपने ही तरीके से धर्म के आधार पर लोगों को बांटने की नीति अपना रही है। विचारधारात्मक क्षेत्र में भाजपा का यह दावा है कि वे नेहरू व उनके वारिसों की इंडियन नैशनल कांग्रेस की यूरोपीय परम्पराओं से नाता तोड़ेंगे। लेकिन कैसे, यह नहीं बताया गया है।

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बाधाओं को हटाकर एकता बनायें

बाधाओं को हटाकर एकता बनायेंप्रथम प्रकाशन मार्च 1998

यह दस्तावेज़ 24-25 जनवरी 1998 को हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय कमेटी की विस्तृत परिपूर्ण सभा में हुई बातचीत का नतीजा है। इसमें, मजदूर वर्ग आन्दोलन के वस्तुगत और आत्मगत हालातों के बारे में और इन हालातों के विश्लेषण के आधार पर हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की कार्य योजना पर दो दस्तावेज़ चर्चा के लिये पेश किये गये हैं। विस्तृत परिपूर्ण सभा इनसे सहमत थी, हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय कमेटी के फैसले के अनुसार अब इन्हें चर्चा के लिये प्रकाशित किया जा रहा है।

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बाधाओं को हटाकर एकता बनायें

बाधाओं को हटाकर एकता बनायें

बाधाओं को हटाकर एकता बनायें24-25 जनवरी, 1998 को नई दिल्ली में हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय कमेटी की विस्तृत परिपूर्ण सभा में महा सचिव कामरेड लाल सिंह द्वारा पेश की गई ड्राफ़्ट रिपोर्ट.

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किस प्रकार की पार्टी?

प्रथम संस्करण फ़रवरी 1994, दूसरा संस्करण दिसंबर 2016

इस दस्तावेज़ “किस प्रकार की पार्टी” को, कामरेड लाल सिंह ने हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय कमेटी की ओर से 29-30 दिसम्बर, 1993 में हुई दूसरी राष्ट्रीय सलाहकार गोष्ठी में पेश किया था।

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An appeal to all women and men of conscience

सभी ज़मीर वाले देशवासियों को एक अपील

प्रकाशन जानकारी
नोट्स
apeal
  • वर्ष : फरवरी १९९३
  • प्रकाशक: —
  • भाषा: अंग्रेजी, हिंदी, पंजाबी
  • माध्यम: मुद्रित
  • कीमत : —
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सभी ज़मीर वाले देशवासियों को एक अपील

यह सभी ज़मीर वाले देशवासियों को एक अपील है, जो हमारे देश की प्रमुख राजनितिक पार्टियों द्वारा फैलाई गयी हिंसां और लूटमार से विचलित है. यह उन सभी भाइयों और बहनों को एल अपील है जो देश के आर्थिक पुनर्निर्माण की दिशा के बारे में काफी चिंतित है. यह उन सभी व्यक्तियों को एल अपील है जो हिन्दोस्तान के सामने गंभीर समस्याओं का एक स्थायी समाधान ढूंड रहे है, एक ऐसा समाधान जो हमारे लोगो के पक्ष में हो.

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