Farmers-Protest_Karnal_police_attack

करनाल में किसान प्रदर्शनकारियों पर हुए क्रूर हमले की निंदा

सरकार के किसान विरोधी कानूनों का विरोध कर रहे किसानों पर, 28 अगस्त को हरियाणा के करनाल के पास बस्तर टोल प्लाजा पर, पुलिस द्वारा बेरहमी से हमला किया गया था।

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दिल्ली सरकार ने आशा मज़दूरों को वादा किए गए प्रोत्साहन भत्ते का भुगतान नहीं किया

दिल्ली में लगभग 6,000 मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (आशा) को अप्रैल 2021 से मासिक प्रोत्साहन भत्ते का भुगतान नहीं किया गया है। यह प्रोत्साहन भत्ता उनको, कोविड-19 के रोगियों को घर पर ही इलाज़ उपलब्ध कराने के लिए और नियंत्रण क्षेत्रों में सर्वेक्षण करने के लिए दिया जाना चाहिए था।

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बिजली संशोधन विधेयक 2021 : 
बिजली क्षेत्र के मज़दूर निजीकरण के विरोध में संघर्ष की राह पर

हाल ही में मज़दूर एकता लहर के संवाददाता ने संसद पर धरना दे रहे बिजली क्षेत्र की यूनियनों व फेडरेशनों के नेताओं से उनके मुद्दों और मांगों के बारे में बात की। हम यहां दो साक्षात्कारों के मुख्य बिन्दू पेश करे हैं – अभिमन्यु धनखड़, ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ पावर डिप्लोमा इंजीनियर्स के राष्ट्रीय महासचिव हैं और इंजीनियर शैलेंद्र दूबे, ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के अध्यक्ष हैं।

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अफ़ग़ानिस्तान के लोगों के ख़िलाफ़ अमरीकी साम्राज्यवाद के वहशी अपराध कभी भुलाये नहीं जा सकते!

अफ़ग़ानिस्तान के लोगों को खुद अपना भविष्य तय करने का पूरा अधिकार है!

15 अगस्त, 2021 को तालिबान की सेना ने काबुल में प्रवेश किया और राष्ट्रपति के महल पर कब्ज़ा कर लिया। राष्ट्रपति अशरफ़ गनी कुछ ही घंटों पहले, अमरीकी मदद के साथ, भाग चुके थे। अमरीकी पैसों पर पली और अमरीका से प्रशिक्षण प्राप्त, तीन लाख सिपाहियों वाली अफगानी सेना बिना लड़े ही अस्त-व्यस्त हो गयी। इन घटनाओं के साथ, काबुल में अमरीका द्वारा समर्थित कठपुतली सरकार का अंत हुआ। इसके साथ-साथ, अफ़ग़ानिस्तान में लगभग 20 साल लम्बा अमरीकी दख़ल भी ख़त्म हुआ।

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पंजाब में गन्ना किसानों ने बकाया भुगतान और अपनी उपज के उच्च मूल्य के लिए आंदोलन किया

गन्ना मिलों के बढ़ते बकाये और कम (एस.ए.पी.) के ख़िलाफ़ पंजाब के दोआबा क्षेत्र के हजारों किसान 20 अगस्त से आंदोलन कर रहे हैं। एस.ए.पी. वह क़ीमत है जो मिल मालिक गन्ना किसान को उसकी उपज के लिए देता है। पंजाब के बटाला, गुरदासपुर, दीनानगर, पठानकोट, भोआ, होशियारपुर, भोगपुर और दसूया में गन्ने की खेती होती है। जालंधर में शुरू

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London Protest B Aug 15th 2021

लंदन में किसान आन्दोलन के समर्थन में लड़ाकू रैली का आयोजन किया गया!

15 अगस्त को इंग्लैंड के लंदन में हजारों की संख्या से भी ज्यादा लोगों ने लड़ाकू रैली में हिस्सा लिया। हिन्दोस्तान में किसान आंदोलन के लिए इंग्लैंड में हिन्दोस्तानी मज़दूरों और छात्रों के समर्थन को व्यक्त करने के लिए इस विरोध रैली का आयोजन किया गया था। विरोध रैली में भाग लेने वाले कई संगठनों में इंडियन वर्कस एसोसिएशन (जी.बी.) भी शामिल था। प्रदर्शनकारी, लंदन में हिन्दोस्तानी उच्च आयोग के बाहर इकट्ठा हो हुए। भागीदारी इतनी ज्यादा थी कि आस-पास की सभी सड़कें भी प्रदर्शनकारियों से भरी हुई थीं।

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बिना सुविधा वाली क्रू-लाबियों पर तैनाती के ख़िलाफ़ रेल चालकों का सपरिवार प्रदर्शन

17 अगस्त, 2021 को ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (ए.आई.एल.आर.एस.ए.) के बैनर तले, रेल चालकों और बच्चों सहित उनके परिजनों ने बिलासपुर डिविज़नल रेल मैनेजर (डी.आर.एम.) के कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया। बिलासपुर के डी.आर.एम. ने चालकों को प्रदर्शन के लिये टेंट तक नहीं लगाने दिया। चालकों, परिजनों और बच्चों ने नारे लगाकर इसका विरोध किया।

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आज़ादी दिवस 2021 के अवसर पर :
हिन्दोस्तान को नयी बुनियादों पर खड़ा करने की ज़रूरत है

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति का बयान, 15 अगस्त, 2021
हमारे इस राजनीतिक तौर पर आज़ाद राज्य में, 74 वर्षों के आर्थिक विकास के बाद, आज करोड़ों-करोड़ों स्त्री-पुरुष दो वक्त की रोटी के लिए, रोज़गार की तलाश में दर-दर भटकने को मजबूर हैं। तड़के से देर रात तक कमर-तोड़ मेहनत करने के बाद, अधिकतम लोग उतना पैसा नहीं कमा पाते हैं जितना इंसान लायक ज़िन्दगी जीने के लिए ज़रूरी है।

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निजीकरण के विरोध में रेल चालकों का पूरे देश में विरोध प्रदर्शन

10 अगस्त, 2021 को आल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसियेशन (ए.आई.एल.आर.एस.ए.) के सदस्यों ने अपनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। ये विरोध प्रदर्शन पूरे देश में रेलवे के 16 ज़ोनों की लगभग 650 लाबियों पर आयोजित किये गये। रेल प्रशासन द्वारा इस प्रदर्शन को अवैध घोषित किये जाने के बावजूद, पूरे देश में लगभग 7,000 से अधिक रेल चालकों ने हिस्सा लिया।

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