कोयला क्षेत्र

  • कोयला का निजीकरण और खदान मजदूरों का विरोध संघर्ष

    कोल इंडिया लिमिटेड (सी.आई.एल.) और सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (एस.सी.सी.एल.) के पांच लाख से अधिक मजदूर 18 अगस्त को एक दिन की हड़ताल करेंगे।

  • कोयला क्षेत्र के निजीकरण के बारे में झूठे प्रचार के ख़िलाफ़

    जब देशभर के कोयला मज़दूर 41 कोयला खदानों को निजी कंपनियों द्वारा कोयले के व्यावसायिक खनन के लिए नीलामी किये जाने के ख़िलाफ़ हड़ताल और अन्य तरह से विरोध प्रदर्शन आयोजित कर रहे हैं, सरकार के प्रवक्ता इस कदम को जायज़ ठहराने के लिए इस तरह के तथाकथित तर्क पेश कर रहे हैं।

  • कोयला क्षेत्र के निजीकरण का असली उद्देश्य

    जिस समय कोयला क्षेत्र कम मुनाफ़ेदार था उस समय उसमें राज्य की इजारेदारी स्थापित की गयी
    आज जब यह बेहद मुनाफ़ेदार हो गया है तो इसका निजीकरण किया जा रहा है

    आज हिन्दोस्तान में कोयला खनन बेहद मुनाफ़ेदार उद्योग बन गया है। ऐसा अनुमान लगाया गया है कि विभिन्न उद्योगों के लिए कोयले की ...

  • खदान मज़दूरों की ऐतिहासिक भूमिका

    हमारे देश के कोयला खदान मज़दूर निजीकरण के ख़िलाफ़ जबरदस्त संघर्ष चला रहे हैं। उन्होंने 18 अगस्त को देश-व्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। इस संदर्भ में सभी देशों में खदान मज़दूरों द्वारा आधुनिक उद्योग के विकास और अंतराष्ट्रीय मज़दूर वर्ग आंदोलन के विकास में अदा की गयी भूमिका को याद करना बेहद जरूरी है।

    19वीं ...

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