किसान आन्दोलन का संघर्ष तेज़ किया जा रहा है

किसान आंदोलन ने 18 मार्च को हरियाणा विधानसभा द्वारा प्रदर्शनों के दौरान हुए नुकसान की भरपाई के लिए पारित किये गए विधेयक के प्रति अपना विरोध जताने का ऐलान किया।

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पेरिस कम्यून की 150वीं वर्षगांठ : मानव समाज की मुक्ति के संघर्ष में पेरिस कम्यून ने एक नए युग की शुरुआत की

150 वर्ष पहले फ्रांस की राजधानी पेरिस में मज़दूर, राष्ट्रीय संकट की घड़ी में उठ खड़े हुए। उन्होंने एक नई राज्य सत्ता का ऐलान किया – मज़दूर मेहनतकशों का राज। उन्होंने सरमायदारों की राज्य व्यवस्था को नष्ट कर दिया। उन्होंने एक संपूर्ण नई राज्य व्यवस्था का निर्माण किया। एक स्थायी सेना की जगह पर, सभी लोग हथियारबंद होकर अपनी राज्य सत्ता की हिफ़ाज़त में तैनात हो गए। दुनिया के इतिहास में श्रमजीवी वर्ग की यह पहली राज्य सत्ता थी और मज़दूर वर्ग ने दिखा दिया कि जब उसके हाथों में राज्य सत्ता होती है, तो वह क्या हासिल कर सकता है! कई अन्य उपलब्धियों के अलावा मज़दूरों और महिलाओं के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा, कला और संस्कृति – जो कि पहले केवल अमीरों के लिए हासिल थे, सभी को मुहैया कराने के लिए, दुनिया में पहली बार कानून पारित किये गए और ठोस क़दम उठाये गए।

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चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधान सभा चुनाव :

चुनाव जनसमूह को धोखा देने और गुमराह करने के हथकंडे हैं

हिन्दोस्तान की कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी की केन्द्रीय समिति का बयान, 6 अप्रैल, 2021

असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुदुचेरी की विधानसभाओं के चुनावों के नतीजे 2 मई को घोषित किये जायेंगे।

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पुलिस की शक्ति बढ़ाने वाले विधेयक का ब्रिटेन में हज़ारों लोग विरोध कर रहे हैं

ब्रिटेन की सरकार ने संसद में एक विधेयक पेश किया है, जिससे लोगों के अधिकारों और न्याय के संघर्षों को कुचलने के लिए पुलिस को अधिक शक्तियां हासिल हो जाएंगी। इस विधेयक को पुलिस, जुर्म, सज़ा और न्यायालय विधेयक कहा गया है।

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Protest_against_FCI_Ambala

किसान आंदोलन ने अप्रैल-मई में अपने संघर्ष को तेज करने की घोषण की

किसान आंदोलन ने 18 मार्च को हरियाणा विधानसभा द्वारा “सार्वजनिक व्यवस्था में गड़बड़ी के दौरान संपत्ति के नुकसान की भरपाई वसूली विधेयक-2021” पारित किये जाने पर अपना विरोध जताने का ऐलान किया।

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हवाईअड्डों के निजीकरण के ख़िलाफ़ एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के मज़दूरों का प्रदर्शन

जॉइंट फोरम ऑफ यूनियंस एंड एसोसिएशन्स ऑफ ए.ए.आई. (एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया-भारतीय उड्डयन प्राधिकरण) और एयरपोर्ट्स अथॉरिटी एम्पलाइज़ यूनियन (ए.ए.ई.यू.) ने 31 मार्च 2021 को देशव्यापी औद्योगिक हड़ताल का आह्वान दिया है। इस औद्योगिक हड़ताल के जरिये, सरकार द्वारा भारतीय उड्डयन प्राधिकरण के हवाईअड्डों को इजारेदार पूंजीपतियों को चलाने हेतु दिए जाने के फैसले का विरोध जताया गया।

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Demo by Trade Unions againstLabour Codes

लेबर कोड के विरोध में प्रदर्शन

दिल्ली की संयुक्त ट्रेड यूनियनों और मज़दूर संगठनों ने 1 अप्रैल, 2021 को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन केन्द्र सरकार द्वारा लाये गये चार लेबर कोडों को रद्द करने की मांग को लेकर किया गया।

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किसान-विरोधी कानूनों की प्रतियों की होली जलाई गई

होली की पूर्व संध्या, 28 मार्च को दिल्ली के बॉर्डर पर धरना प्रदर्शन कर रहे किसानों ने किसान-विरोधी कानूनों की प्रतियों की होली जलाई और मांग की कि इन कानूनों को तुरंत रद्द किया जाये।

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किसानों ने भारत बंद का पालन किया

इस समय किसान आंदोलन को अगुवाई दे रहे संयुक्त किसान मोर्चे (एस.के.एम.) ने दिल्ली की सीमाओं – सिंघु, गाजीपुर और टीकरी पर 4 महीने पूरे होने के अवसर पर 26 मार्च को सुबह 6 से शाम 6 बजे तक के लिये भारत बंद का आह्वान किया था।

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बंदरगाहों के निजीकरण के विरोध में कामगार एकता कमेटी ने सभा आयोजित की

बंदरगाहों के निजीकरण के विरोध में कामगार एकता कमेटी ने सोमवार, 1 मार्च, 2021 को सभा आयोजित की। मुम्बई, कोच्ची, चेन्नई, विशाखापट्टनम जैसे विविध प्रमुख बंदरगाहों के नेताओं ने इस सभा में भाग लिया।

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