दवा उद्योग में मज़दूरों का अति-शोषण

वैश्विक बाज़ार में 20 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ हिन्दोस्तान को अक्सर ‘दुनिया की फार्मेसी’ कहा जाता है, क्योंकि वह जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है। जेनेरिक दवा का मतलब है एक ऐसी दवा जिसमें वही रासायनिक पदार्थ होते हैं जो मूल रूप से रासायनिक पेटेंट द्वारा संरक्षित थे। मूल दवाओं के पेटेंट समाप्त होने के बाद जेनेरिक दवाओं

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“मज़दूरों और किसानों के लिए आगे बढ़ने का रास्ता” विषय पर एक वेब मीटिंग

मज़दूर एकता कमेटी (एम.ई.सी.) ने 4 अक्तूबर, 2020 को “मज़दूरों और किसानों के लिए आगे बढ़ने का रास्ता” विषय पर एक वेब मीटिंग आयोजित की। मुख्य प्रस्तुति बिरजू नायक ने पेश की।

यह चर्चा बेहद सामयिक और आवश्यक थी क्योंकि सरकार ने हाल ही में विभिन्न मज़दूर-विरोधी और किसान-विरोधी विधेयकों को संसद में पारित किया है। ये कानून, मज़दूरों और किसानों की आजीविका पर एक बर्बर हमला हैं। लाखों मज़दूरों और किसानों ने बड़ी बहादुरी के साथ, बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों का आयोजन करते हुए मज़दूर-किसान विरोधी, समाज-विरोधी और जन-विरोधी इन विधेयकों के ख़िलाफ़, अपना गुस्सा जाहिर किया है। इस मीटिंग ने अपने संघर्ष को आगे बढ़ाने के लिए मज़दूर-किसान एकता को मजबूत करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।

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मज़दूरों और किसानों के लिए आगे का रास्ता

4 अक्तूबर, 2020 को मज़दूर एकता कमेटी द्वारा आयोजित वेब मीटिंग में मज़दूरों और किसानों के लिए आगे का रास्ताविषय पर कामरेड बिरजू नायक द्वारा पेश की गई प्रस्तुति

देशभर में मज़दूर और किसान संसद में हाल में पारित किये गए कानूनों का विरोध कर रहे हैं। 23 सितम्बर को तीन लेबर कोड और कृषि व्यापार व भण्डारण से सम्बंधित तीन विधेयकों के विरोध में, मज़दूर यूनियनों और किसान संगठनों के बड़े-बड़े प्रदर्शन हुए।  25 सितम्बर को 250 किसान संगठनों ने ‘भारत बंद’ आयोजित किया।

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वेतन न मिलने के ख़िलाफ़ हिंदू राव अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सों ने आंदोलन किया

10 अक्तूबर, 2020 को उत्तरी दिल्ली नगर निगम द्वारा संचालित हिंदू राव अस्पताल के डाक्टरों और नर्सों ने अस्पताल के मुख्य द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया। तख्तियां पकड़े हुए और अपनी दुर्दशा को उजागर करते नारे लगाते हुए, आंदोलन करने वाले डॉक्टरों और नर्सों ने अपने बकाया वेतन के भुगतान की मांग की। उन्हें पिछले तीन महीने से वेतन नहीं दिया गया है। रेजिडेंट डॉक्टरों और नर्सों के एसोसिएशन ने अस्पताल के अधिकारियों के साथ-साथ नगर निगम के अधिकारियों के साथ भी कई बार अपनी समस्याओं को उठाया था। इस “सांकेतिक” विरोध प्रदर्शन के बाद, हिन्दू राव अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन और नर्सेज एसोसिएशन ने 11 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा की है, क्योंकि उनका पिछले तीन महीने का वेतन बकाया है।

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ग़दर इंटरनेशनल और इंडियन वर्कर्स एसोसिएशन की प्रेस विज्ञप्ति

पंजाब और देशभर में किसानों के संघर्ष के समर्थन में इंग्लैंड के साउथ हॉल में रविवार 4 अक्तूबर को एक विशाल प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन का आयोजन गुरु सिंह सभा साउथ हॉल ने किया था और समाज के अलग-अलग तबकों के लोगों ने इसमें हिस्सा लिया। इंडियन वर्कर्स एसोसिएशन और ग़दर इंटरनेशनल ने इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया और अपनी एकजुटता जताई।

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कोविड-19 के संकट में दवाई कंपनियों ने भारी मुनाफ़ा कमाया

जब दुनियाभर में लोग कोविड और लॉकडाउन के भयंकर असर से त्रस्त हैं, देश और दुनिया में दवाई कंपनियों के पूंजीपति मालिक भारी मुनाफ़े लूट रहे हैं। ये दवाई कंपनियां लोगों की मजबूरी का फ़ायदा उठाते हुए तरह-तरह की दवाइयों को भारी क़ीमत पर बाजार में बेच रही हैं।

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दिल्ली दंगों की साज़िश का मुक़दमा :

राजकीय आतंकवाद को जायज़ ठहराने के लिए सच को झुठलाने की कोशिश

केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि उसने फरवरी 2020 में, उत्तर-पूर्व दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा के पीछे एक साज़िश का पता लगाया है जिसमें 53 लोगों की जान चली गई और सैकड़ों लोग घायल हो गए।

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किसान-विरोधी कानूनों का सच बनाम झूठ

देशभर में किसान तीन किसान-विरोधी कानूनों के ख़िलाफ़ सड़कों पर उतर आए हैं और ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। 25 सितम्बर को देशभर के 250 किसान संगठनों ने देशव्यापी बंद का आयोजन किया। किसानों के इस बंद को केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और सैकड़ों अन्य मज़दूर संगठनों से पूरा समर्थन हासिल हुआ।

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“सबको शिक्षा क्यों नहीं एक समान?” विषय पर गोष्ठी

कामगार एकता कमिटी (के.ई.सी.) और लोक राज संगठन ने संयुक्त रूप से 4 अक्तूबर, 2020 को “सबको शिक्षा क्यों नहीं एक समान?” विषय पर एक वेब गोष्ठी आयोजित की। इस ज्वलंत विषय ने देशभर से युवाओं और बुजुर्गों को समान रूप आकर्षित किया और उन्होंने इस चर्चा में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कई आमंत्रित वक्ताओं ने इस चर्चा में अपने विचारों का योगदान दिया, जिनमें थे, शिक्षाविद डा. अनिल सदगोपाल, मुंबई और उपनगरीय माध्यमिक विद्यालय शिक्षक संघ से श्री कानाडे, जय महाराष्ट्र शिक्षण और कर्मचारी सेना से विजय पाटिल, पुणे से सतीश गोरे और ए.आई.आर.एस.ओ. से सात्विक।

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क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की जापान में बैठक: अमरीका-नीत क्वाड सैन्य गठबंधन एशिया में शांति के हितों के ख़िलाफ़ है

क्वाडीलेटरल सिक्युरिटी डायलाग (चतुर्भुज सुरक्षा वार्ता) या क्वाड की दूसरी मंत्री स्तरीय बैठक 6-7 अक्तूबर को जापान में आयोजित की जा रही है। क्वाड में चार देश शामिल हैं – अमरीका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और हिन्दोस्तान। विदेश मंत्री एस. जयशंकर इस बैठक में हिन्दोस्तान का प्रतिनिधित्व करेंगे।

क्वाड एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अमरीका द्वारा प्रायोजित एक सैनिक गठबंधन के केंद्र में है। इसका मक़सद है चीन की घेराबंदी करना और पूरे एशिया पर अमरीका का दबदबा क़ायम करना।

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