ओबामा की हिन्दोस्तान यात्रा का विरोध

संपादक महोदय,
 
यह पत्र मैं कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी द्वारा अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की हिन्दोस्तान यात्रा का विरोध करने के बुलावे के समर्थन में लिख रहा हूँ. जैसे मजदूर एकता लहर के 16-31 अक्टूबर, 2010 के अंक में बताया गया था, हिन्दोस्तान और पाकिस्तान और इस पूरे इलाके के लोगो के बीच अमरीकी साम्राज्यवाद के मंसूबो के खिलाफ एकता बनाने यह अच्छा मौका है. हिन्दोस्तान के सरकार द्वारा अमेरिका की अफ-पाक नीति का समर्थन किये जाने की सभी लोगो ने भर्त्सना की जानी चाहिए, जिस नीति की वजह से अफगानिस्थान और पाकिस्तान के लोगो पर मौत और बर्बादी आई है. अमरीका द्वारा  आतंक के खिलाफ जंग के नाम पर चलाये जा रहा यह कत्लेआम कई सालो से चलता आया रहा है और इस जुर्म के लिए सजा से अमरीका बचता आया है. बुश प्रशासन को बदल का ओबामा प्रशासन के आने से कुछ भी नहीं बदला है, बल्कि इस इलाके के लोगो के खिलाफ जंग और तेज हुई है.
संपादक महोदय,
 
यह पत्र मैं कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी द्वारा अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की हिन्दोस्तान यात्रा का विरोध करने के बुलावे के समर्थन में लिख रहा हूँ. जैसे मजदूर एकता लहर के 16-31 अक्टूबर, 2010 के अंक में बताया गया था, हिन्दोस्तान और पाकिस्तान और इस पूरे इलाके के लोगो के बीच अमरीकी साम्राज्यवाद के मंसूबो के खिलाफ एकता बनाने यह अच्छा मौका है. हिन्दोस्तान के सरकार द्वारा अमेरिका की अफ-पाक नीति का समर्थन किये जाने की सभी लोगो ने भर्त्सना की जानी चाहिए, जिस नीति की वजह से अफगानिस्थान और पाकिस्तान के लोगो पर मौत और बर्बादी आई है. अमरीका द्वारा  आतंक के खिलाफ जंग के नाम पर चलाये जा रहा यह कत्लेआम कई सालो से चलता आया रहा है और इस जुर्म के लिए सजा से अमरीका बचता आया है. बुश प्रशासन को बदल का ओबामा प्रशासन के आने से कुछ भी नहीं बदला है, बल्कि इस इलाके के लोगो के खिलाफ जंग और तेज हुई है.

 
यह बात पर गौर किया जाना चाहिए की ओबामा अपने व्यापार मंडल के साथ आया है, जिसमे कई हथियारों के सौदागर शामिल है. हिन्दोस्तान को कई तरह के लड़ाकू विमान और फौजी हथियार बेचे जाने की योजना है. इन सौदों के वजह से हिन्दोस्तान पर कर्जे का बोझ निश्चित तौर पर बढेगा, जो हिन्दोतान के आम लोगो पर डाला जायेगा.
 
हिन्दोस्तान की सरकार द्वारा अमरीकी प्रतिनिधि मंडल का स्वागत करना यह साफ़ तौर से दिखता है की हिन्दोस्तान की सरकार का इस इलाके में शांति स्थापित करने का कोई इरादा नहीं है. इस इलाके में जंग, इस इलाके के सभी लोगो के हितों के खिलाफ होगी और इसमें केवल अमरीका और हिन्दोस्तान के बड़े सरमायेदारों  की जीत होगी, जो खुद को एक उभरती हुई साम्राज्यवादी ताक़त के रूप में देख रहे है.
 
इन सारी वजह से हिन्दोस्तान के सभी लोगो ने जो हिन्दोस्तान के लिए एक उज्वल भविष्य चाहते है,  ओबामा की यात्रा का विरोध करना चाहिए. खास तौर से मेहनतकश लोगो को इस यात्रा से कुछ भी हासिल नहीं होना है. कम्युनिस्ट ग़दर पार्टी और सभी कम्युनिस्टों ने इस विरोध को अगुवाई देनी चाहिए.
 
आपका
ए नारायण
बेंगलूरू

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