देशभर में अनौपचारिक क्षेत्र के मज़दूर अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं

मज़दूर एकता कमेटी के संवाददाता की रिपोर्ट

Unorganised_sector_workersनिर्माण, कृषि, घरेलू काम, मछली पालन, आदि सहित अनौपचारिक क्षेत्र के हज़ारों मज़दूरों के साथ-साथ गिग मज़दूर, 7 फरवरी को संसद के बाहर जंतर-मंतर पर एक विशाल रैली में एक साथ आए। उन्होंने बतौर मज़दूर अपने अधिकारों के लिए व्यापक क़ानूनी सुरक्षा की मांग की।

विरोध प्रदर्शन का आयोजन अनौपचारिक मज़दूरों के क़ानूनी संरक्षण पर वर्किंग ग्रुप द्वारा किया गया था। कई ट्रेड यूनियनों और मज़दूर संगठनों ने इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया और अनौपचारिक क्षेत्र के मज़दूरों के अधिकारों के समर्थन में अपनी आवाज़ बुलंद की।

2024 के आम चुनावों से पहले केंद्र और राज्य सरकारों और राजनीतिक पार्टियों के सामने अपनी मुख्य मांगों का एक चार्टर पेश करने के उद्देश्य से, 8 फरवरी से 15 फरवरी तक कई राज्यों में इसी तरह के विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

Unorganised_sector_workersप्रदर्शन के शमिल संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रदर्शनकारी मज़दूरों को संबोधित किया। उन्होंने अनौपचारिक क्षेत्र के मज़दूरों की दुर्दशा की ओर ध्यान आकर्षित किया, जो हिन्दोस्तान की श्रमशक्ति का 90 प्रतिशत से भी अधिक हिस्सा हैं, और देश के सकल घरेलू उत्पाद (जी.डी.पी.) में 50 प्रतिशत से अधिक का योगदान करते हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए चार लेबर कोड मज़दूरों के अधिकारों पर एक क्रूर हमला हैं। अनौपचारिक क्षेत्र के मज़दूर, उन सीमित क़ानूनी सुरक्षा से भी वंचित हो जाएंगे जिन्हें वे कई वर्षों के संघर्ष से कुछ क्षेत्रों में हासिल करने में क़ामयाब रहे थे।

प्रदर्शनकारी मज़दूरों ने मज़दूरों और उनकी यूनियनों के अनिवार्य पंजीकरण और मान्यता, सामूहिक सौदेबाज़ी के अधिकार और न्यूनतम वेतन की गारंटी की मांग की है। उनकी मांगों में व्यवसायिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रावधान, महिला मज़दूरों की औपचारिक मान्यता और मज़दूरों के कल्याण के लिये आवश्यक सुविधाओं को पूरा करने के लिए सशक्त क्षेत्रीय कल्याण बोर्डों की स्थापना शामिल है। मज़दूरों ने मासिक पेंशन और आवास प्रावधानों सहित सामाजिक सुरक्षा उपायों की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने चार लेबर कोड वापस लेने और पर्याप्त सुरक्षा उपायों, जिन्हें कुछ क्षेत्रों में मज़दूरों ने जीता है, उनके क़ानूनी अधिकारों की बहाली का आह्वान किया है।

सभी ट्रेड यूनियनों, मज़दूर संगठनों, किसान संगठनों, ट्रक ड्राइवरों और ट्रांसपोर्टरों की यूनियनों आदि के साथ एकता में, अनौपचारिक क्षेत्र के मज़दूरों ने 16 फरवरी को होने वाली सर्व हिन्द हड़ताल को अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की।

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