इज़रायल द्वारा फिलिस्तीनी लोगों के जनसंहार के विरोध में प्रदर्शन

मज़दूर एकता कमेटी के संवाददाता की रिपोर्ट

22 नवम्बर, 2023 को दिल्ली की विभिन्न ट्रेड यूनियनों, छात्रों, नौजवानों के संगठनों तथा जन संगठनों ने दिल्ली के जंतर-मंतर के गेट से एक जुलूस निकाला। यह जुलूस इज़रायल द्वारा फिलिस्तीनी लोगों के जनसंहार को रोकने की मांग को लेकर किया गया था।

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22 नवम्बर 2023 को नई दिल्ली में फ़िलिस्तीनी लोगों के जनसंहार के विरोध में प्रदर्शन

जुलूस में प्रदर्शनकारी अपने हाथों में प्लेकार्ड लिये नारे लगा रहे थे – ‘अपनी मातृभूमि के लिए फ़िलिस्तीनी लोगों का जायज़ संघर्ष जिंदाबाद!’, ‘अमरीका-समर्थित इज़रायल द्वारा फ़िलिस्तीनी लोगों पर जनसंहार मुर्दाबाद!’, ‘इज़रायली  हमले के खिलाफ एकजुट हो!‘, ‘फिलिस्तीन पर इज़रायली बमबारी पर रोक लगाओ!’, ‘फिलिस्तीन पर यूएन प्रस्ताव को लागू करो!’, ‘अमरीकी साम्राज्यवाद मुर्दाबाद!’ आदि।

पुलिस ने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे लोगों को हिरासत में ले लिया। यहां तक कि प्रदर्शन में आए बच्चों और महिलाओं को भी नहीं बख्शा। पुलिस का कहना है कि ‘इस विषय पर भारत सरकार की ओर से किसी भी तरह के इजहार किए जाने या प्रदर्शन किए जाने पर पाबंदी है’।

प्रदर्शनकारी तीन घंटे हिरासत में रहे। हिरासत के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सभा की और नारे लगाये । सभा को विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने संबोधित किया। सभा को संबोधितकरते हुये वक्ताओं ने कहा कि फिलिस्तीन के  गाज़ा  पट्टी में इज़रायल  द्वारा 7 अक्टूबर से जारी विध्वंसक बमबारी से 14000 से ज्यादा नागरिकों की मौत हुई है। उनमें अधिकांश बच्चे हैं। गाजा पट्टी में आवासीय क्षेत्रों  को तहस-नहस कर दिया गया  है। 17 लाख से अधिक आबादी को बेघर कर पलायन करने के लिए मजबूर किया गया है।

उन्होंने कहा कि अमरीकी साम्राज्यवाद की सरपरस्ती में इज़रायल  फिलिस्तीनी नागरिकों का जनसंहार कर रहा है। इज़रायल एक कब्जाकारी ताक़त है। अमरीका ने फिलिस्तीनियों की धरती पर इज़रायल को अपना लठैत जैसा तैनात कर रखा है।

इस जनसहांर के खिलाफ़ दुनियाभर में करोड़ों लोग सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं और इस जनसंहार को रोकने की मांग कर रहे हैं। भोजन, पानी, दवा, अन्य जरूरी सामग्रियों को गाज़ा पट्टी में पहुंचाने की मांग कर रहे हैं।

हमारी मांग है कि इज़रायली  सेना की विध्वंसक कार्रवाई को तत्काल रोका जाए। गाज़ा पट्टी में तत्काल खाना, पानी, बिजली, दवाई, इत्यादि जैसे जरूरी सामानों की आपूर्ति बहाल की जाए। फिलिस्तीन को इज़रायली कब्ज़ा व गुलामी से आज़ाद कर संप्रभु राष्ट्र घोषित किया जाए।

इस प्रदर्शन में भाग लेने वाले संगठन थे – इफ्टू, इंकलाबी मजदूर केंद्र, मजदूर एकता कमेटी, मजदूर एकता केंद्र, ए.आई.एफ.टी.यू., आई.एफ.टी.यू. (सर्वहारा), मज़दूर सहयोग केंद्र, प्रगतिशील महिला संगठन, वेलफेयर पार्टी आफ इंडिया, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र, जन हस्तक्षेप, आर.डब्ल्यू.पी.आई., बिगुल मज़दूर दस्ता, आई.सी.टी.यू. और इंकलाबी मजदूर संगठन।

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