किसानों ने अपने संघर्ष को तेज किया

किसान आंदोलन, कई राज्यों में, यात्राओं और महापंचायतों के रूप में कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। हर जगह पर उसे मेहनतकश लोगों के सभी वर्गों से दिनों-दिन बढ़ता समर्थन हासिल हो रहा है।

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राजस्थान के करिरी गाँव में महापंचायत

देश के विभिन्न क्षेत्रों में किसानों ने, शहीद भगत सिंह, शहीद सुखदेव, और शहीद राजगुरु के शहादत दिवस, को जोर-शोर से मनाने के लिए कई कार्यक्रमों की घोषणा की है। 23 मार्च को जिला और तहसील स्तर पर, हर जगह कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। दिल्ली की सीमाओं पर अपने विरोध प्रदर्शन के चार महीने पूरे होने के अवसर पर वह 26 मार्च को भारत बंद का आयोजन करने की तैयारी चल रही है। 28 मार्च को होली के अवसर पर, किसान संगठनों ने घोषणा की है कि वे देश भर में तीन किसान-विरोधी कानूनों की प्रतियां जलाएंगे।

किसान संगठनों ने, 18 से 23 मार्च के बीच, “शहीद यादगार किसान पदयात्रा” आयोजित करने की घोषणा की है। यह विरोध-प्रदर्शन पदयात्रा, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पंजाब के विभिन्न स्थानों से शुरू होकर दिल्ली की सीमाओं पर समाप्त होगी। वे सभी दिल्ली की सीमाओं पर शहीद भगत सिंह, शहीद सुखदेव और शहीद राजगुरु की शहादत की 90 वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित शहीदी दिवस समारोहों में शामिल होंगे। एक पदयात्रा 18 मार्च को हरियाणा के हिसार में लाल सड़क हांसी से शुरू होगी और टिकरी बॉर्डर तक पहुंचेगी।

एक अन्य पदयात्रा पंजाब के खटखट कलां गांव से शुरू होगी और सिंघु बॉर्डर तक पहुंचने से पहले पानीपत से गुजरेगी और तीसरी पदयात्रा मथुरा में शुरू होगी और पलवल की ओर जाएगी।

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गाजीपुर में प्रदर्शन जारी है

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सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शन जारी है

25 मार्च को पंजाब से किसान और युवाओं की एकता रैली शुरू होगी, जिसका समापन टिकरी और सिंघु बॉर्डर पर होगा। 26 जनवरी को दिल्ली में ट्रैक्टर रैली के दौरान शहीद हुए युवा किसान नवरीत सिंह की शहादत की याद में इस रैली का आयोजन किया जा रहा है। शहीद के दादा, हरदीप सिंह दिबडिबा के नाम पर इस एकता रैली की अपील जारी की गई है। यह रैली मोगा से शुरू होगी और लुधियाना, दोराहा, खन्ना, गोबिंदगढ़, सरहिंद, राजपुरा, शंभू, अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत से गुजरते हुए दिल्ली की बॉर्डर पहुंचेगी। रैली का उद्देश्य किसान एकता को मजबूत करना है, और किसान विरोधी कानूनों को रद्द करने के लिए संघर्ष को आगे बढ़ाना है।

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संयुक्त किसान मोर्चा संपूर्ण बंद की तैयारी कर रहे हैं

26 मार्च को सम्पूर्ण भारत बंद के लिए पूरे देश भर में तैयारियां चल रही हैं। यह बंद गांव, तहसील, जिला और राज्य स्तर पर आयोजित किया जायेगा। इस देशव्यापी बंद के आह्वान को ट्रेड यूनियनों, व्यापारियों और आढ़तियों के संघों, तथा अन्य मज़दूर संगठनों से समर्थन मिला है, जिसमें कृषि-श्रमिक संघ, ट्रांसपोर्टर संघ, शिक्षक संघ, युवा और छात्र संघ भी शामिल हैं।

कई किसान संगठनों ने विरोध स्थलों पर हजारों लोगों को ऐसे समय में इकट्ठा करने का निश्चय किया है जब किसान, गेहूं की फसल की कटाई की तैयारी कर रहे होंगे।

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एमएसपी के मुद्दे पर चर्चा करते किसान

इससे पहले 15 मार्च को किसान यात्रा ओडिशा के गजपति जिले के काशीपुर में पहुंची। यह यात्रा किसान और स्थानीय लोगों के समर्थन से मजबूत होती जा रही है और यात्रा के दौरान रास्तों पर कई छोटी सभाएं आयोजित की जा रही हैं। बिहार में, राज्य के सभी 35 जिलों को घेरते हुए ऐसी सात यात्रायें पटना लौट आयी। यह सात यात्रायें 2000 से अधिक गांवों को गुजरी और इस दौरान 300 से अधिक सभाएं आयोजित की गयीं।

18 मार्च को मध्य प्रदेश के संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले आयोजित, किसानों ने अपनी मांगों को उठाते हुए मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा। इसे जिला और तहसील स्तर पर आयोजित किया गया। उन्होंने मध्य प्रदेश में किसानों और कृषि-मज़दूरों की समस्याओं को उठाया। उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए तंत्र बनाए जिससे किसानों को, गेहूं, चना, मसूर दाल और अन्य फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य प्राप्त हो सके। उन्होंने मांग की कि सरकार उनके कर्ज माफ करे। उन्होंने बिजली विभाग द्वारा किसानों की लूट पर रोक लगाने की भी मांग की।

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