जीवन बीमा निगम के कर्मचारियों द्वारा निजीकरण के खि़लाफ़ किये जा रहे संघर्ष का विभिन्न क्षेत्रों के मज़दूरों ने समर्थन किया

सेवा में,

ऑल इंडिया इन्श्योरेंस इम्पलॉईज़ एसोसियेशन

हम, अधोहस्ताक्षरित विभिन्न क्षेत्रों के मज़दूरों की यूनियनें, एसोसियेशनें और यूनियनों की फेडरेशनें तथा लोक संगठन, शेयरों की बिक्री के माध्यम से जीवन बीमा निगम (एल.आई.सी.) के निजीकरण तथा बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी पूंजी निवेश (एफ.डी.आई.) की सीमा को 49 से बढ़ाकर 74 प्रतिशत तक करने के प्रस्तावों के खि़लाफ़ आपके न्यायपूर्ण संघर्ष को हम पूरा समर्थन देते हैं। हम 18 मार्च, 2021 को प्रस्तावित आपकी अखिल भारतीय हड़ताल की पूर्ण सफलता की कामना करते हैं।

एल.आई.सी. का निजीकरण मज़दूर-विरोधी, जन-विरोधी और समाज-विरोधी कदम है।

हम मज़दूरों ने बार-बार पाया है कि एक सार्वजनिक क्षेत्र इकाई के निजीकरण से सैकड़ों मज़दूर अपनी नौकरियों खो देते हैं। निजीकरण के बाद ज्यादा से ज्यादा संख्या में मज़दूरों को ठेके पर रखा जाता है; इन मज़दूरों को नियमित मज़दूरों के मुकाबले में एक तिहाई से एक चैथाई वेतन कम वेतन पर काम कराया जाता है। निजीकरण के बाद, स्थायी और ठेका मज़दूरों, दोनों से ओवरटाइम का पैसा दिये बिना लंबे समय तक काम कराया जाता है। नए पूंजीवादी मालिकों द्वारा मौजूदा यूनियनों को नष्ट किया जाता है और नए मज़दूरों को खुद को संगठित करने की अनुमति नहीं दी जाती। इस प्रकार, निजीकरण का मज़दूर-विरोधी क़दम पूरे मज़दूर वर्ग को कमज़ोर करता है।

प्रीमियम के रूप में एल.आई.सी. में जमा की गई हमारी बचत की सुरक्षा, देश के लोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। उतना ही महत्वपूर्ण है दावों का त्वरित निपटारा।

निजीकरण समाज-विरोधी भी है। निजीकरण के बाद एल.आई.सी. को सामाजिक ज़रूरतों को पूरा करने के लिए नहीं बल्कि केवल निजी लाभ अर्जित करने के लिए उसे चलाया जाएगा। निजी बीमा कंपनियों के क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद, बीमा सेवाएँ बहुत अधिक महंगी हो गई हैं। वे सामान्य मेहनतकशों की ज़रूरतों की उपेक्षा करते हुए समाज के अधिक संपन्न लोगों को जीवन बीमा प्रदान करने में रुचि रखते हैं। साथ ही, दावा निपटाने का उनका रिकॉर्ड एल.आई.सी. की तुलना में बहुत ख़राब है। इसका परिणाम यह होगा कि कई मेहनतकश लोग जल्द ही इन सेवाओं से वंचित हो जायेंगे।

एफ.डी.आई. की सीमा में 74 प्रतिशत तक की वृद्धि विदेशी बीमा इजारेदारों को एल.आई.सी. का नियंत्रण प्रदान करेगी। हिन्दोस्तानी लोगों की बचत को उनके कल्याण को अधिकतम करने के बजाय अपने लाभ को बढ़ाने के लिए विदेशी पूंजीपतियों के हितों में दे देना एक राष्ट्र-विरोधी और समाज-विरोधी क़दम है।

दशकों से सार्वजनिक धन का उपयोग करके हजारों मजद़ूरों के श्रम से सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियां बनाई गई हैं। ये लोगों की संपत्ति है और इसका उपयोग मज़दूरों और अन्य सभी मेहनतकशों की ज़रूरतों को पूरा करने और उनके कल्याण के लिए किया जाना चाहिए।

सार्वजनिक बीमा क्षेत्र के निजीकरण के साथ, केंद्र सरकार ने सभी सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों पर एक युद्ध की घोषणा की है और हिन्दोस्तानी लोगों के धन से निर्मित कीमती संपत्ति को हिन्दोस्तानी और विदेशी, दोनों इजारेदारों को सौंप देना चाहती है। हम सभी के केवल एकजुट संघर्ष ही हैं जो सरकार को रोक सकते हैं। साथ ही हम सभी को हमारे द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं के निजीकरण की नीतियों के खि़लाफ़ उपभोक्ताओं को शामिल होने के लिए एकजुट करना ही हमारी लड़ाई होगी। ये काम बीमा मज़दूर बहुत अच्छी तरह कर रहे हैं। मज़दूरों, किसानों और मेहनतकश लोगों का एकजुट मोर्चा हम सभी के लिए आगे बढ़ने का रास्ता है!

हम एल.आई.सी. के निजीकरण के दुष्प्रभावों के बारे में बीमा सेवाओं के उपयोगकर्ताओं के बीच जागरुकता पैदा करने के आपके प्रयासों की सराहना करते हैं। हम भी अपने सदस्यों, उनके परिवारों और लोगों के बीच आपके जागरुकता अभियान को आगे बढ़ाएंगे क्योंकि वे सभी बीमा क्षेत्र के ग्राहक हैं। हम आपके संघर्षों के साथ पूर्णतः एकजुट हैं। एक पर हमला सब पर हमला है!!

आपके साथ एकजुटता में,

  1. एयर इंडिया सर्विस इंजीनियर्स एसोसिएशन
  2. ऑल इंडिया कोल वर्कर्स फेडरेशन
  3. ऑल इंडिया डिफेन्स इम्पलॉईज़ फेडरेशन
  4. ऑल इंडिया गार्ड्स काउन्सिल
  5. ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन
  6. ऑल इंडिया पोर्ट एंड डॉक वर्कर्स फेडरेशन
  7. ऑल इंडिया पॉवर इंजीनियर्स फेडरेशन
  8. ऑल इंडिया रेल्वेमेन्स फेडरेशन
  9. ऑल इंडिया रेलवे इम्पलॉईज़ कॉनफेडरेशन
  10. ऑल इंडिया रेल ट्रैकमेन्टेनर्स यूनियन
  11. ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन
  12. ऑल इंडिया ट्रेन कंट्रोलर्स एसोसिएशन
  13. कोचीन रिफाइनरी इम्पलॉईज़ एसोसिएशन
  14. जनरल इन्श्योरेंस इम्पलॉईज़ ऑल इंडिया असोसिएशन
  15. हिंद खदान मज़दूर फेडरेशन
  16. इन्डियन रेलवे लोको रनिंगमेन ऑर्गनाइजेशन
  17. इंडिया रेलवे टिकट चेकिंग स्टाफ ऑर्गनाइजेशन
  18. कामगार एक कमेटी
  19. लड़ाकू गारमेंट मज़दूर संघ
  20. महाराष्ट्र स्टेट बैंक इम्पलॉईज़ फेडरेशन
  21. नेशनल फेडरेशन ऑफ इन्डियन रेलवेमेन
  22. पेट्रोलियम एंड गैस वर्कर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया
  23. पार्ट, डॉक एंड वाटरफ्रंट वर्कर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया
  24. स्टील प्लांट इम्पलॉईज़ यूनियन – राष्ट्रीय इस्पात निगम द्वारा मर्यादित
  25. वाटर ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया

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